होम्योपैथी विशेषज्ञों का राष्ट्रीय महाकुंभ - AAAS 2026, 1 मार्च रविवार, 12वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, का भव्य आयोजन*
राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस इंदौर में 01 मार्च को
*होम्योपैथी विशेषज्ञों का राष्ट्रीय महाकुंभ - AAAS 2026, 1 मार्च रविवार, 12वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, का भव्य आयोजन*
*इंदौर । * । रविवार, 01 मार्च 2026 को इंदौर में 'AAAS 2026, 12वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस-2026' आयोजित की जाएगी। इस भव्य आयोजन में आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन, एडवांस्ड होम्योपैथिक सोसाइटी सेहत एवं सूरत, होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की मध्यप्रदेश इकाई सहयोगी संस्थानों के रूप में सहभागी हैं।
सांसद सेवा प्रकल्प, इंदौर एवं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (IMS) के संयुक्त सहयोग से ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में संपन्न होने वाला यह सम्मेलन शहर में होम्योपैथी चिकित्सा, अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता का एक नया अध्याय लिखेगा। इंदौर में पहली बार इतने विशाल स्तर पर राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस का आयोजन होने जा रहा है।
*आयोजन चेयरमैन डॉ. ए. के. द्विवेदी ने कॉन्फ्रेंस के बारे में कहा* "इंदौर की मेजबानी में पहली बार इस विशाल स्तर पर 'AAAS २०२६, 12वीं राष्ट्रीय होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस- का आयोजन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। पिछले 27 वर्षों से अप्लास्टिक एनीमिया जैसी जटिल बीमारियों और जनस्वास्थ्य जागरूकता के लिए कार्य करते हुए मैंने अनुभव किया है कि होम्योपैथी असाध्य रोगों के समग्र और सुरक्षित उपचार में एक अत्यंत सशक्त विकल्प है। इस राष्ट्रीय महाकुंभ के माध्यम से हमारा उद्देश्य केवल चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि शोध और अकादमिक उत्कृष्टता का एक ऐसा मंच तैयार करना है जो इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर होम्योपैथी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करे। यह आयोजन निश्चित ही स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगा।"
*आयोजन सचिव डॉ. विकास सिंघल ने बताया "* यह राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस होम्योपैथी के क्षेत्र में नवीनतम शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को साझा करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। हड्डी रोगों और अन्य जटिल बीमारियों के समग्र उपचार में होम्योपैथी की असीमित संभावनाएं हैं। इस सम्मेलन में देशभर से आ रहे विशेषज्ञ वक्ता और युवा शोधकर्ता जब एक ही मंच पर अपने क्लिनिकल अनुभव और शोध पत्र साझा करेंगे, तो यह पूरे चिकित्सा जगत के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह सम्मेलन हमारे अकादमिक संवाद को उच्च स्तर पर ले जाने का एक साझा प्रयास है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह आयोजन होम्योपैथी चिकित्सा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।"
इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को मुख्य रूप से तीन प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें कुल 24 विशेषज्ञ वक्ता अपने अनुभव और ज्ञान को साझा करेंगे। की-नोट स्पीकर के रूप में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं, जिनमें डॉ. जयेश पटेल (सूरत), डॉ. शिवांशु शेखर आचार्य (कोलकाता), डॉ. सुखजीत कौर बठला (पंजाब), डॉ. अर्पित चोपड़ा (इंदौर), डॉ. शिवा सिंह पंडित (जबलपुर), डॉ. विकास सिंघल (चंडीगढ़), डॉ. नवनीत शर्मा (हरिद्वार) और डॉ. ए.के. द्विवेदी (इंदौर) प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, आमंत्रित (गेस्ट) स्पीकर के तौर पर डॉ. समीर चौक्कर (मुंबई), एम जी एम मेडिकल कॉलेज से प्रोफेसर डॉ. संगीता पनेरी, कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल से डॉ. वैभव चतुर्वेदी, एन सी एच नई दिल्ली से डॉ. विभा मेवाड़ा शर्मा, डॉ. संदीप मोहंती महू और डॉ. अथर्व द्विवेदी इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन के दौरान आधुनिक समय की कई जटिल और समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों पर गहन वैज्ञानिक विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा कैंसर, हड्डी एवं बोन मैरो रोग, अप्लास्टिक एनीमिया, मानसिक स्वास्थ्य, इंफर्टिलिटी तथा स्किन एवं हेयर रोगों के होम्योपैथिक प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस वैज्ञानिक संवाद को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए देशभर के शोधकर्ताओं से भारी उत्साह देखने को मिला है।
एक दिवसीय सम्मेलन के लिए कुल 54 रिसर्च पेपर प्राप्त हुए थे, जिनमें से विशेषज्ञ समिति द्वारा 18 श्रेष्ठ शोध पत्रों को प्रस्तुतीकरण के लिए अंतिम रूप से चयनित किया गया है। इन शोध पत्रों को नोएडा, अमरावती, नागपुर, जलगांव, वडोदरा, मुंबई, जबलपुर एवं सेंधवा से आए शोधकर्ता और विशेषज्ञ प्रस्तुत करेंगे।
कॉन्फ्रेंस में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड एवं मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से वरिष्ठ चिकित्सक, शोधकर्ता एवं विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। विशेष रूप से गुजरात से बड़ी संख्या में होम्योपैथी चिकित्सकों और विद्यार्थियों की सहभागिता इस आयोजन की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आयोजकों ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन होम्योपैथी चिकित्सा, अनुसंधान एवं अकादमिक संवाद को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा। साथ ही, यह अभूतपूर्व आयोजन इंदौर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर होम्योपैथी चिकित्सा के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
चंडीगढ़ के डॉ. विकास सिंघल हड्डी रोगों (ऑर्थोपेडिक समस्याओं) के समग्र एवं सुरक्षित होम्योपैथिक उपचार में उत्कृष्ट कार्य कर देशभर में विशिष्ट पहचान बना चुके हैं और वे अपने क्लिनिकल अनुभव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण व संगठनात्मक क्षमता से सम्मेलन को उच्च स्तर प्रदान कर रहे हैं। वहीं, डॉ. ए. के. द्विवेदी पिछले 27 वर्षों से एनीमिया जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर इसे जनस्वास्थ्य आंदोलन का स्वरूप दे रहे हैं। विशेष रूप से अप्लास्टिक एनीमिया जैसे जटिल रोगों में उनकी चिकित्सा से लाभान्वित होने के लिए देश भर से मरीज इंदौर पहुंचते हैं। उनका अभियान उपचार के साथ-साथ समय पर जांच, पोषण शिक्षा और रोकथाम पर भी बल देता है। दोनों दिग्गजों ने संयुक्त रूप से बताया कि भविष्य में इस आयोजन को निरंतर करने का प्रयास किया जाएगा।कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए सिलीगुड़ी में सी सी आर एच यूनिट हेड डॉ रंजित सोनी भी पधार रहे हैं जो किडनी की पथरी के ऊपर होम्योपैथी की महारत की बात करेगें।
इंदौर में आयोजित इस राष्ट्रीय होम्योपैथी सम्मेलन में पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) के प्रयोग एवं उसके संभावित अनुप्रयोगों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभिन्न विशेषज्ञ अपने व्याख्यानों के माध्यम से यह बताएँगे कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग होम्योपैथी चिकित्सा, शिक्षण पद्धति, शोध कार्य, रोग विश्लेषण एवं डाटा प्रबंधन में किस प्रकार प्रभावी रूप से किया जा सकता है तथा भविष्य में इससे उपचार की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रामाणिकता को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है।



