नरसिंह वाटिका में आज सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव में 500 से अधिक साधक होंगे शामिल

नरसिंह वाटिका में आज सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव में 500 से अधिक साधक होंगे शामिल

नरसिंह वाटिका में आज सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव में 500 से अधिक साधक होंगे शामिल, शंकराचार्य सहित अनेक संत आएंगे

सभी साधकों को अभिमंत्रित श्रीयंत्र, गोमती चक्र एवं केदारनाथ से स्पर्शित रुद्राक्ष भेंट किए जाएँगे - स्पॉट पंजीयन भी

इंदौर। पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में गुरुवार 4 जून को दोपहर 3 बजे से एयरपोर्ट रोड स्थित नरसिंह वाटिका पर गुप्त काशी-केदारखंड के ब्रह्मचारी आचार्य प्रशांत के निर्देशन में होने वाले सिद्ध श्रीचक्र साधना महोत्सव में 500 से अधिक साधक शामिल होंगे। अनुष्ठान में जगदगुरु शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ, पंचायती अखाडा श्री निरंजनी हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी जयगिरि महाराज, चारधाम मंदिर उज्जैन के अधिष्ठाता स्वामी शांति स्वरूपानंद गिरि सहित देश के अनेक प्रमुख तपोनिष्ठ संत विद्वान भी अपना सानिध्य प्रदान करेंगे। अनुष्ठान में शामिल होने वाले साधकों को गंगा के उदगम स्थल गोमुख से अभिमंत्रित और बद्रीनाथ धाम से सिद्ध किए गए गोमती चक्र, केदारनाथ के चरणों से स्पर्श कराए गए पवित्र रुद्राक्ष सहित अभिमंत्रित श्रीयंत्र भी घर ले जाकर स्थापित करने के लिए भेंट किए जाएँगे। जो साधक अब तक पंजीयन नहीं करा सके हैं, उनकी सुविधा के लिए नरसिंह वाटिका पर स्पॉट पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्रवेश 3 बजे से प्रारम्भ हो जाएगा। पुरुष साधक श्वेत परिधान में तथा महिलाएं लाल एवं पीताम्बर परिधान में आएंगे।

               विद्याधाम के संस्थापक महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद जी सरस्वती ‘भगवन’ द्वारा बताई गई श्रीविद्या पद्धति से होने वाली इस साधना का शुभारंभ गुरुवार 4 जून को दोपहर 3 बजे भक्ति-संगीत के साथ होगा। नरसिंह वाटिका स्थित साधना स्थल को गोबर एवं पंचगव्य से लीपकर शुद्ध कर लिया गया है। अनुष्ठान के निमन्त्रण पहले ही इंदौर-उज्जैन के महाकालेश्वर, खजराना गणेश, रणजीत हनुमान, अन्नपूर्णा एवं अन्य सभी प्रमुख देवालयों में समर्पित किए जा चुके हैं। लंबे अरसे बाद शहर में हो रहे इस अनुष्ठान में इंदौर के अलावा अन्य राज्यों के साधक भी शामिल होंगे। बुधवार शाम तक करीब 450 साधकों के पंजीयन हो चुके हैं। जन कल्याण और साधकों को श्री अर्थात सम्पन्नता और समृद्धि की प्राप्ति के उद्देश्य से किए जा रहे इस महोत्सव में जगदगुरु शंकराचार्य सहित अनेक तपस्वी संत विद्वान भी शामिल होने इंदौर आ रहे हैं। जो साधक अभी तक इस अनुष्ठान से वंचित रह गए हैं, उनके लिए गुरुवार को दोपहर 2 बजे से नरसिंह वाटिका पर स्पॉट पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी ताकि कोई भी श्रद्धालु वंचित न रह पाए। 

           श्रीचक्र की स्थापना एवं पूजन – अनुष्ठान में भक्ति संगीत के बाद 4 बजे गोमुख से लाए गंगा जल से साधकों के शुद्धिकरण के बाद सिद्ध श्रीचक्र की विधि पूर्वक स्थापना होगी और गुरु पूजा, गणपति पूजा, कलश स्थापना के पश्चात श्रीसूक्त, देवीसूक्त, ललितासहस्त्रनाम मन्त्रों से सामूहिक जाप शुरू होगा। इस अनुष्ठान में माँ जगदम्बा का विशेष अर्चन होगा, जिसमें अश्वगंधा, ब्राह्मी, हल्दी, कुमकुम, चन्दन, तुलसी, कमलगट्टा, शतावरी, इत्र, केसर, ब्रह्मकमल जैसी अनेक पवित्र सामग्री का प्रयोग होगा। सभी साधकों को यह पूजन सामग्री उनके स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। आचार्य प्रशांत के साथ 11 विद्वान ब्राह्मण एवं 11 वेदपाठी बटुक भी अनुष्ठान में सहयोग एवं साधकों का मार्गदर्शन करेंगे।

         साधकों को मिलने वाली सामग्री – इस अनुष्ठान में शामिल साधकों को जो श्रीयंत्र घर के लिए दिए जाएँगे वे हिमालय के पवित्र क्षेत्रों से सिद्ध कर लाए गए हैं जहाँ ऋषि मुनियों ने कड़ी तपस्याएँ की है और माँ ललिताम्बा का दिव्य प्रभाव माना जाता है। साधकों को बद्रीनाथ से सिद्ध किए गए गोमती चक्र और केदारनाथ के चरणों से स्पर्श कराए गए पवित्र रुद्राक्ष भी भेंट किए जाएँगे। सामूहिक महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ इस दिव्य अनुष्ठान का समापन होगा। अनुष्ठान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।