नवलखा कांटाफोड़ मंदिर पर माँ वैष्णो देवी एवं भोले बाबा के दर्शनों के लिए लगी रही लम्बी कतारें,
नवलखा कांटाफोड़ मंदिर पर माँ वैष्णो देवी एवं भोले बाबा के दर्शनों के लिए लगी रही लम्बी कतारें,
देर रात तक उमड़ता रहा भक्तों का सैलाब
मनकामेश्वर शिव मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय महोत्सव का समापन - महाकाल की तर्ज पर सुबह हुई भस्मारती
इंदौर। नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर पर पांच दिवसीय शिव विवाह एवं शिवरात्रि महोत्सव में देर रात तक हजारों भक्तों ने माँ वैष्णो देवी की गुफा में विराजित मातारानी और रजत मंडित विवाह मंडप में विराजित दूल्हे भगवान भोलेनाथ की जीवंत झांकी के दर्शन किए। मंदिर पर भक्तों के सैलाब का आलम यह था कि शाम 6 बजे से ही भक्तों की कतारें लगना शुरू हो गई थीं जो देर रात तक लगातार चलती रही। सोमवार को सुबह भस्मारती के साथ इस पांच दिवसीय महोत्सव का समापन हुआ।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग एवं संयोजक बी.के. गोयल ने बताया कि आरती के बाद माँ वैष्णो देवी की गुफा में विराजित मातारानी के दर्शनों के बाद मंदिर के रजत मंडित गर्भगृह में विराजित दूल्हे राजा के दर्शन और झांकी की एक झलक पाने के लिए भक्तों की कतारें शाम ही लगना शुरू हो गई थी। शाम को विधायक गोलू शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में आरती के पश्चात झांकी के दर्शन प्रारंभ हुए और भक्तों ने कतारबद्ध होकर इस मनोहारी झांकी के दर्शन किए। मंदिर पर महिला पुरुषों के लिए बेरिकेट्स लगाकर दर्शन की व्यवस्था की गई थी। भक्तों के लिए फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। मंदिर स्थित सभी देवालयों का भी विशेष श्रृंगार किया गया। देर रात तक भक्तों की कतारें लगातार चलती रहीं। रात डेढ़ बजे मंदिर पर विशेष पूजा शुरू हुई जिसका समापन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में महाकाल की तर्ज पर भस्मारती के साथ हुआ। आरती में मंदिर ट्रस्ट के विष्णु बिंदल, सुभाष बजरंग, टीकमचंद गर्ग, वीके गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर से जुड़े राजकुमार अग्रवाल, पार्षद मृदुल अग्रवाल, अमित गुप्ता, हेमंत गर्ग सेठानी सहित श्रद्धालुओं ने रातभर जागरण एवं भजन संकीर्तन की व्यवस्थाएं संभाली।



