झीर्णेश्वर धाम पर हुआ आकर्षक श्रंगार, शिव बने हनुमान,
झीर्णेश्वर धाम पर हुआ आकर्षक श्रंगार,
इंडियन न्यूज़ अड्डा जिला ब्यूरो चीफ जिला धार,
धर्मेंद्र श्रीवास्तव की धार्मिक रिपोर्ट-: शनिवार,
शिव लिङ्ग पर हुआ हनुमानजी की प्रतिकृति का मनोहारी श्रृंगार,
अति प्राचीन पांडव कालीन भगवान शिव का धाम इसके पश्चिम में कल कल कर बहती माही नदी (महीद्रवे) जो कर्क रेखा को दो बार काटती है, समय काल के निर्धारण की जननी है, यह पतित पावनी सरिता हड्डियों को भी गलाने वाली है,
(20600) तीर्थों नदियों का सार अपने में समाहित किए बन गई (महीसागर)
स्कंद पुराण के कुमारीका खंड के धार्मिक वर्णन अनुसार इसके उद्गम से लेकर खंभात की खाड़ी में समुद्र से मिलन तक,
108 शिवलिंगों का प्रमाण मिलता है,
अलग-अलग शिवलिंगों के अलग-अलग विधि विधान से पूजन एवं अभिषेक करने से अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं,
महेंद्र पर्वत क्षेत्र में स्थित यह स्थान अत्यंत धार्मिक एवं प्राचीन है, (पुराणों में वर्णन के पठन से पता चलता है कि ऋषि परशुराम एवं हनुमानजी भी इसी क्षेत्र में तपस्या में लीन है, अदृश्य रूप से उपस्थित है, कलयुग के बढ़ते चरण के साथ उनका इसी क्षेत्र से प्रकटीकरण होगा और भगवान परशुराम भगवान कल्कि को धनुर्विद्या की शिक्षा देंगे)
श्रावण मास में यहां पर भक्तों का जमघट लगा रहता है,
भक्त जन माही के जल से शिव का अभिषेक करते हैं,
महादेव के पूर्व में स्थित वट का वृक्ष ऐसा प्रतीत होता है मानो ऋषिगण तपस्या मे लिन हो,
वट वृक्ष से थोड़ी दूरी पर उकाला हनुमान जी महाराज का भव्य एवं विशाल मंदिर भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है,
भूत भावन भगवान भोलेनाथ के भक्तों ने यहां अपने श्रम से विभिन्न प्रकार के पुष्पों के पौधे, एवं अनेक प्रकार के वृक्ष आम जाम नींबू एवं बिल्व पत्र के वृक्ष यहाँ खड़े कर दिये है,
जिससे इस क्षेत्र की छटा मनमोहक हो जाती है,
प्रतिदिन प्रदोष आरती की सेवा यहां भोपावर निवासी श्री मुकेश झनिया देते हैं,
वही आश्रम में भरत दास महाराज सुदूर क्षेत्र से आए भक्तजनों के साथ सत्संग में तल्लीन रहते हैं,
प्रतिदिन स्नान ध्यान से निवृत्त होकर पंडित अंशु शर्मा (सजावल) सरदारपुर विभिन्न पुराणों एवं ग्रंथों के माध्यम से शिव लीलाओं का पठन नित्य प्रतिदिन करते हैं,
आज शनिवार की प्रदोष आरती से पूर्व किया गया मनमोहक श्रृंगार क्षेत्र के प्रसिद्ध पेंटर सत्यनारायण मारू के द्वारा किया गया है,
प्रभु के विग्रह का आज का दर्शन देखते ही बन रहा है।
भक्त समरथ जाट कुमार पाट पूनम यादव सुरेश लिंबोदिया राजगढ़, भक्ति रस में डूबे रहे,
यह भक्तजन प्रतिदिन शिव की सेवा में तल्लीन रहते हैं।


