अलीजा सरकार का स्वर्णिम श्रृंगार: 15 ग्राम सोने का वर्क और हीरा जड़ित मुकुट में आलौकिक नजर आय बजरंगबली,

अलीजा सरकार का स्वर्णिम श्रृंगार: 15 ग्राम सोने का वर्क और हीरा जड़ित मुकुट में आलौकिक नजर आय बजरंगबली,

अलीजा सरकार का स्वर्णिम श्रृंगार: 15 ग्राम सोने का वर्क और हीरा जड़ित मुकुट में आलौकिक नजर आय बजरंगबली, मस्तक पर केसर का लेपन

 20 बाय 30 का भव्य फूल बंगला सजा

50 हजार से ज्यादा भक्तों के लिए बना महाप्रसाद, देर रात तक 500 सेवादार करते रहे सहयोग

इंदौर। हनुमान जयंती के महापर्व पर पंचकुइया स्थित 'अलीजा सरकार' के दरबार में अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। भगवान हनुमान का ऐसा वैभवशाली श्रृंगार किया गया है कि भक्त देखते ही मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।  शाम 5बजे से महाआरती में आस्था का जनसैलाब उमड़ने की शुरुआत हो चुकी थी

स्वर्ण आभूषणों से दमके अलीजा सरकार

 गादीपति ब्रह्मचारी पवनानद महाराज ने बताया कि इस बार अलीजा सरकार को 15 ग्राम शुद्ध सोने का वर्क चढ़ाया गया है। भगवान के मस्तक पर केसर का लेपन किया गया है और सूरत के विशेष कारीगरों द्वारा तैयार किया गया हीरा जड़ित मुकुट पहनाया गया है। इसके साथ ही प्रभु को स्वर्ण तिलक, स्वर्ण लाकेट और स्वर्ण कड़ा जैसे बहुमूल्य आभूषणों से सजाया गया है, जिससे दरबार की आभा देखते ही बन रही है।

25 कलाकारों ने 5 दिन में सजाया भव्य फूल बंगला

मंदिर परिसर में 20x30 फीट का विशाल फूल बंगला तैयार किया गया है। इसे सजाने के लिए मोगरा, गुलाब, कनेर और ऑर्किड सहित 25 अलग-अलग किस्मों के फूलों का इस्तेमाल हुआ है। 25 कलाकारों की टीम ने पिछले 5 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद इस बंगले को तैयार किया है। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव की विशेष आरती के बाद भगवान को 56 भोग लगाया गया।

3500 लोग एक साथ चखेंगे स्वाद: 8 भट्टियों पर तैयार हुआ महाप्रसाद

 शाम 5 बजे  महाआरती के बाद 50 हजार से ज्यादा भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा। महाप्रसाद की तैयारी का पैमाना इतना भव्य है कि पिछले 3 दिनों से 30 हलवाई और 50 सहयोगी भोजन तैयार करने में जुटे हैं।

मेन्यू: शुद्ध देसी अंदाज में लकड़ियों की 8 भट्टियों पर सब्जी-पूरी, सेव, जोलिया और चक्की तैयार की गई है।

व्यवस्था: अंतिम चौराहे के बाद से ही पंचकुइयां रोड पर भाव या बड़ी बड़ी बड़ी कनाते लगाकर भंडारे में भक्तों के बैठने की व्यवस्था की गई थी तकरीबन पोन किलोमीटर तक भक्तों के लिए आरामदायक और आसानी से पहुंच कर प्रसादी ले सके सके ऐसी व्यवस्था रही एक समय में 3500 लोगों के बैठकर भोजन करने की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि हजारों की भीड़ के बावजूद भक्त सुकून से प्रसादी ग्रहण कर सकें।