संकल्प एक लाख अंगदान से जीवनदान” अभियान को मिली नई गति, संभाग स्तर पर व्यापक सहभागिता*

संकल्प एक लाख अंगदान से जीवनदान” अभियान को मिली नई गति, संभाग स्तर पर व्यापक सहभागिता*

*“संकल्प एक लाख अंगदान से जीवनदान” अभियान को मिली नई गति, संभाग स्तर पर व्यापक सहभागिता*

*इंदौर, * मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में संचालित “संकल्प एक लाख अंगदान से जीवनदान” अभियान के अंतर्गत आज अंगदान हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन सी.एम.ई. का आयोजन किया गया। इस आयोजन में इंदौर संभाग के विभिन्न जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों की व्यापक एवं सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

कार्यक्रम में संभागायुक्त कार्यालय से ज्वाइंट कमिश्नर श्री डी.एस. यादव, स्वास्थ्य संचालनालय से वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गाडरिया, एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर से डॉ. मनीष पुरोहित, मिताशा फाउंडेशन से श्री आलोक सिंघी तथा एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित की विशेष उपस्थिति रही।

इंदौर जिले से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी एवं सिविल सर्जन डॉ. एम.पी. सिंह सहित धार जिले से डॉ. अनीता सिंगारे एवं डॉ. मुकुंद बर्मन, झाबुआ जिले से डॉ. बी.एस. बघेल एवं डॉ. मोहन मालवीय, खंडवा जिले से डॉ. ओमप्रकाश चुगनावत एवं डॉ. अनिलकुमार कोशल, खरगोन जिले से डॉ. ललित सिंह चौहान एवं डॉ. राजकुमार देवड़ा, बड़वानी जिले से डॉ. सुरेन्द्र जामरे एवं डॉ. मनोज खन्ना, बुरहानपुर जिले से डॉ. राजेन्द्र वर्मा एवं डॉ. दर्पण टोके तथा अलीराजपुर जिले से डॉ. राजेश अलूनकर एवं डॉ. प्रकाश टोके सहित सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सहभागिता की। साथ ही इंदौर संभाग के समस्त खंड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

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बैठक में अंगदान की आवश्यकता, उसकी प्रक्रियाओं तथा जागरूकता बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि यदि व्यवस्थित प्रयास किए जाएं तो अंगदान के माध्यम से हजारों लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है।

*मिताशा फाउंडेशन के श्री आलोक सिंघी ने इस अभियान को सामाजिक क्रांति बताते हुए कहा कि* अंगदान को जन-आंदोलन बनाने के लिए रणनीतिक योजना, मजबूत समन्वय और निरंतर क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मिताशा फाउंडेशन इंदौर संभाग के सभी जिलों के साथ मिलकर इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम तक पहुंचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित ने अपने अनुभव साझा करते हुए अंगदान अभियान से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर प्रकाश डाला।

*बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि सभी अस्पतालों में IPD, OPD एवं डिस्चार्ज स्लिप्स पर* “अंगदान से जीवनदान” का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाएगा। साथ ही NOTTO क्यूआर कोड को जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों को अंगदान प्रतिज्ञा के लिए सरल और सुलभ माध्यम उपलब्ध हो सके। सभी प्रतिज्ञाओं को NOTTO पोर्टल पर दर्ज कर उनकी साप्ताहिक रिपोर्ट मिताशा फाउंडेशन को प्रेषित की जाएगी।

अध्यक्षता करते हुए डॉ. पूर्णिमा गाडरिया ने सभी अधिकारियों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मिताशा फाउंडेशन के नेतृत्व में यह अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है और शीघ्र ही एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है, जिसका उद्देश्य अधिकतम अंगदान प्रतिज्ञाओं के माध्यम से असंख्य लोगों को जीवनदान प्रदान करना है।