थिंकइट: आइडियाज़ को मिलेगा मंचरे नेसां यूनिवर्सिटी देगी अपना प्लेटफॉर्म
थिंकइट: आइडियाज़ को मिलेगा मंचरे नेसां यूनिवर्सिटी देगी अपना प्लेटफॉर्म
21 सर्वश्रेष्ठ विचारों को 21 लाख रुपये ,16 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति कर सकता है भागीदारी
विद्यार्थी, प्रोफेशनल्स, उद्यमी और क्रिएटर्स के लिए खुला मंच
इंदौर। सोच बदलती है तो समाज बदलता है, और इसी विश्वास के साथ रेनेसां यूनिवर्सिटी इंदौर ने ‘थिंकइट – विचारों का मैराथन’ नाम से एक अनोखी ओपन आइडिया इन्विटेशन पहल शुरू की है। यह केवल एक प्रतियोगिता के साथ एक ऐसा मंच है जहां हर रचनात्मक दिमाग को अपने विचार साझा करने और उन्हें पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।
इस संकल्पना के बारे में रेनेसां यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री स्वप्निल कोठारी ने कहा, “थिंकइट केवल एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक बढ़ता हुआ समुदाय मंच है, जहां सोचने वाले और निडर होकर कल्पना करने वाले लोग एक साथ आएंगे। आज का दौर विचारों का दौर है। एक अच्छा विचार किसी की जिंदगी बदल सकता है, एक नया उद्यम खड़ा कर सकता है और पूरे समाज को नई दिशा दे सकता है। थिंकइट के माध्यम से हम हर एक को यह मौका देना चाहते हैं कि वह अपनी सोच को दुनिया तक पहुंचाए। हमारा मानना है कि भविष्य उन्हीं का है जो गहराई से सोचते हैं, बड़े सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं।”
थिंकइट का उद्देश्य उन लोगों को सामने लाना है जो मौकों और समस्याओं को अलग नजरिए से देखते हैं, समाधान सोचते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। इस मंच पर 16 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति—चाहे वह छात्र हो, प्रोफेशनल, उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, क्रिएटर या स्वतंत्र विचारक—भाग ले सकता है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी एक विषय या क्षेत्र की सीमा नहीं है। प्रतिभागी शिक्षा, टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, स्वास्थ्य, सामाजिक सरोकार, व्यवसाय, कला, नवाचार या किसी भी क्षेत्र से जुड़े अपने मौलिक विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रतियोगिता के तहत 21 सर्वश्रेष्ठ और प्रभावशाली विचारों को कुल 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, जिससे विजेताओं को अपने विचारों को वास्तविक परियोजना या उद्यम के रूप में विकसित करने में सहायता मिल सके।
भाग लेने की प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी गई है। इच्छुक प्रतिभागी सबसे पहले अपना बुनियादी पंजीकरण करेंगे। इसके बाद उन्हें एसएमएस या व्हाट्सऐप के माध्यम से विचार प्रस्तुत करने का लिंक प्राप्त होगा, जहां वे लिखित रूप में अपना विचार साझा कर सकेंगे।
कोठारी ने कहा कि यह पहल प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।"
कोठारी ने आगे कहा कि यह पहल प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।"
रेनेसां यूनिवर्सिटी ने अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विचारों को एक नई पहचान दें।
कोठारी ने कहा कि यह पहल प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।"
रेनेसां यूनिवर्सिटी ने अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विचारों को एक नई पहचान दें।
कोठारी ने कहा कि यह पहल प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेगी तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।"
रेनेसां यूनिवर्सिटी ने अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विचारों को एक नई पहचान दें।



