*प्रदेश में पहली बार एमजीएम शासकीय मेडिकल कॉलेज में इंग्लैंड के विद्यार्थी ने सर्जिकल इलेक्टिव कोर्स को चुना प्रशिक्षण के लिऐ

*प्रदेश में पहली बार एमजीएम शासकीय मेडिकल कॉलेज में इंग्लैंड के विद्यार्थी ने सर्जिकल इलेक्टिव कोर्स को चुना प्रशिक्षण के लिऐ

*अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल ऐजुकेशन मे एमजीएम सिरमौर।* 

*प्रदेश में पहली बार एमजीएम शासकीय मेडिकल कॉलेज में इंग्लैंड के विद्यार्थी ने सर्जिकल इलेक्टिव कोर्स को चुना प्रशिक्षण के लिऐ।* 

इन्दौर। महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सालय महाविद्यालय शुरू से ही चिकित्सा संस्थाओं मे बहुत ही उत्कृष्ट नाम प्रदेश ही नही अपितु देश मे रहा है किन्तु अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है।

 मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है की जिस मेडिकल की पढ़ाई और सर्जरी को सीखने , देखने ऐवम समझने के लिए विद्यार्थी जो दिल्ली , मुंबई और यूरोप में जाते थे उसे समझने और सीखने के लिऐ इंग्लैंड के मेडिकल छात्रो ने अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज को चयनित किया है।

डॉ एलिस्टेयर इंग्लैंड (यूके) की स्वानसी यूनिवर्सिटी के मेडिकल छात्र है और उन्होंने सर्जरी के प्रोफेसर डॉ अंकुर माहेश्वरी के साथ इस सर्जिकल इलेक्टिव के लिए आवेदन दिया था। डीन डॉ अरविन्द घनघोरिया और विभागाध्यक्ष डॉ अरविन्द शुक्ला ने इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए इस पर तत्काल सहमति की और इस विषय पर अनुमोदन किया।

सर्जरी शिक्षा (Surgery Education) में इलेक्टिव सर्जरी (Elective Surgery/चयनात्मक शस्त्रकर्म) से तात्पर्य उन नियोजित प्रक्रियाओं से है जिसमे मेडिकल छात्रों को सर्जिकल समस्याओं, रोगी के क्लिनिकल प्रबंधन और ऑपरेशन की पूर्व-तैयारी से परिचित कराना होता है । यह शिक्षा का मुख्य भाग है, जो छात्रों को प्रक्रिया की योजना, पूर्व-ऑपरेटिव मूल्यांकन, और सूचित सहमति (informed consent) जैसी आवश्यक नैदानिक जिम्मेदारियां सिखाता है।

इस तरह की इलेक्टिव सर्जरी के लिए विद्यार्थी का कार्यकाल एक महीने का रहता है जिसमें वह उस संस्था की और उस देश की चिकित्सा पद्धति के बारे में जानकारी देते हैं। आज उसी तारतम्य में डीन डॉ अरविन्द घनघोरिया ने ऑपरेशन थिएटर में बेरियाट्रिक सर्जरी की बारीकियों को डॉ एलिस्टेयर को दिखाया और समझाया।

इस उपलब्धि के पीछे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविन्द घनघोरिया एवं सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अरविन्द शुक्ला का सतत मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और उच्च शैक्षणिक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण रहा है। उनके नेतृत्व में विभाग ने उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए हैं।

*एम जी एम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविन्द घनघोरिया* ने कहा एमजीएम मेडिकल कॉलेज की दूरदर्शी नेतृत्व, शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान करने की पहल एवं प्रयासों से ही ऐसे अवसर संभव हो पाए हैं, जिससे हमारे संस्थान की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है।एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश ही नही अपितु देश मे सबसे उन्नत ऐवम उत्कृष्ट संस्थान है और अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना डंका बजा रहा है । 

*डीन घनघोरिया* ने कहा कि इस महान एमजीएम मेडिकल कॉलेज से कई महान ऐवम असाधारण डाक्टर निकले है जिन्होंने न केवल प्रदेश अपितु देश विदेश मे भी बहुत नाम कमाया है l देश ही नही अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी मेडिकल की पढाई करने वाले छात्रों का सपना अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज होता जा रहा है l