अभ्यास मंडल की बैठक में प्रशासनिक इकाइयों पुनर्गठन पर विशेषज्ञों ने रखे सुझाव
अभ्यास मंडल की बैठक में प्रशासनिक इकाइयों पुनर्गठन पर विशेषज्ञों ने रखे सुझाव
इंदौर। प्रदेश में जिला, तहसील, जनपद एवं विकासखंड जैसी प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन हेतु मध्यप्रदेश पुनर्गठन आयोग द्वारा सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसी विषय को लेकर सांसद श्री शंकर लालवानी के मार्गदर्शन में अभ्यास मंडल के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी नागरिकों ने भाग लिया।
बैठक में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी ओ. पी. श्रीवास्तव ने विषय की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन में भौगोलिक आधार, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा, आर्थिक एवं वित्तीय व्यवहार्यता, सांस्कृतिक एवं क्षेत्रीय समानता, परिवहन एवं संपर्क व्यवस्था तथा प्रशासनिक विकेंद्रीकरण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सी. बी. सिंह ने कहा कि यह विषय अत्यंत व्यापक और गंभीर है तथा आज की बैठक प्रारंभिक विचार-विमर्श के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि उपस्थित सभी सदस्यों के प्रशासनिक अनुभवों एवं सुझावों के आधार पर एक प्रभावी सुझाव पत्र तैयार कर आयोग को भेजा जाएगा।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात पाराशर ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप कितनी उपयोगी है, किन क्षेत्रों में नई तहसील अथवा प्रशासनिक इकाई की आवश्यकता है तथा प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट कैसे लाया जा सकता है, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी आनंद कुमार शर्मा, डॉ. अशोक कुमार भार्गव एवं धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक सीमाओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिससे जनता को अधिकतम लाभ मिल सके।
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि अल्प समय में अभ्यास मंडल, मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं सेवा सुरभि जैसी सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस बैठक में अनेक उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों के माध्यम से विस्तृत सुझाव तैयार कर मई माह के अंत तक आयोग को प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
डॉ. गौतम कोठारी ने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली को आवश्यक बताया। तारकेश्वर सिंह न्यायपालिका ने भी सभी व्यवस्था जनता के लिए ओर उनके पहुंच में होने पर जोर दिया
प्रारंभ में अशोक बड़जात्या ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं जनता की सुविधा और हित को केंद्र में रखकर बनाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन अभ्यास मंडल अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन अजित सिंह नारंग ने माना।
बैठक में ओ पी नरेड़ा, अशोक सोलंकी,कालूराम जैन ,महेश गुप्ता, सुनील जैन CA, दिलीप वाघेला, माला सिंह ठाकुर, हरेराम वाजपेयी,वैशाली खरे, प्रणिता दिक्षित, किशन सोमानी,सौरभ गोसर, बाबूलाल अग्रवाल उपस्थिति थे


