भारत माता की जय और वंदे मातरम के उदघोष से गूंज उठा इंडिया गेट- शहादत के सम्मान में उठ खड़ा हुआ सभागृह
भारत माता की जय और वंदे मातरम के उदघोष से गूंज उठा इंडिया गेट- शहादत के सम्मान में उठ खड़ा हुआ सभागृह
‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’ अभियान के तहत हजारों नागरिकों ने समर्पित की रीगल चौराहे पर दीपांजलि-पुष्पांजलि
संस्था सेवा सुरभि की ओर से भारतीय सेना के शहीद जवान संजय मीणा के परिजनों को एक लाख रु. की श्रद्धा निधि भेंट
इंदौर। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को रीगल चौराहा पर निर्मित इंडिया गेट एवं अमर जवान ज्योति तथा दुआ सभागृह वंदे मातरण के उदघोष एवं भारत माता के जयघोष से गूंजते रहे। संस्था सेवा सुरभि की मेजबानी में भारतीय सेना के शहीद संजय मीणा के पिताश्री लालसिंह, बड़े भाई रामप्रसाद, पत्नी श्रीमती पूनम एवं पुत्र युवराज तथा पुत्री प्रतिभा को जब अतिथियों ने दुआ सभागृह में शॉल-श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपए की श्रद्धा निधि सौंपी तो समूचा सभागृह करतल ध्वनि के बीच उठ खड़ा हुआ। उपस्थित नागरिकों ने भारत माता की जय एवं वंदे मातरम के उदघोष से सभागृह एवं तदपश्चात इंडिया गेट, अमर जवान ज्योति तथा चौराहे को भी गुंजायमान बनाए रखा। सांसद शंकर लालवानी, कलेक्टर शिवम वर्मा, पूर्व कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव, समाजसेवी भरत मोदी, सुश्री रचना मोदी, राजेश चेलावत सहित अनेक अतिथियों ने शहीद संजय मीणा के परिजनों का सम्मान किया। उन्हें एक कृतज्ञता रैली के रूप में दुआ सभागृह परिसर से इंडिया गेट तक बीएसएफ के बैंड की ताकत वतन की हम से है... सुर लहरियों के साथ ससम्मान लाया गया।
‘झंडा ऊंचा रहे हमारा‘ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था स्वर-स्मिता संगीत अकादमी की ओर से देशभक्ति से प्रेरित गीतों की प्रस्तुतियों के साथ हुआ। वंदे मातरम के साथ शुरुआत हुई। उन्होंने जोशीले गीतों की प्रस्तुतियों से माहौल को देशभक्ति से लबरोज बनाए रखा। अतिथियों का स्वागत संस्था के संयोजक ओमप्रकाश नरेडा, कुमार सिद्धार्थ, गोविंद मंगल, अरविंद जायसवाल, कमल कलवानी, मोहन अग्रवाल, अनिल गोयल आदि ने किया।
*शहादत की दास्तान*- देवास जिले के टोंकखुर्द के निकट ग्राम संवरसी के निवासी शहीद संजय मीणा की शहादत की दास्तांन सभागृह में मौजूद लोगों ने जब कार्यक्रम के सूत्रधार संजय पटेल से सुनी तो उनकी देशभक्ति के जज्बे को प्रणाम करने के लिए समूचा सभागृह उठ खड़ा हुआ। जब उन्होंने बताया कि इस शहादत के दो माह बाद ही मीणा परिवार ने अपने एक और बेटे राजवीर को सेना में भेज दिया तो सभागृह फिर भारत माता की जय के उदघोष से गूँज उठा। शहीद संजय मीणा के दोनों बच्चों को स्कूल बैग भी भेंट किए गए। 2 मई 1993 को जन्मे संजय मीणा अपनी 12वीं तक की पढाई पूरी कर 25 मार्च 2013 को सेना में भर्ती होकर ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में 9 माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 11वीं बटालियन में पदस्थ हुए। इस दौरान बॉर्डर पर लॉन्ग रूट पेट्रोलिंग करते हुए संजय मीणा को जोशी मठ उत्तराखंड के हार्शील इलाके में 23 सितम्बर 2025 को तैनात किया गया था। बाद में उन्हें भोजवासा एवं नंदनवन के लिए भेजा गया जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 23350 फीट है। 7 अक्टूबर को ज्यादा ऊंचाई के कारण उन्हें शारीरिक परेशानी शुरू हो गई। इस दौरान बर्फीले तूफ़ान में फंस जाने के कारण उन्हें हेलिकॉप्टर से बचाने के लिए प्रयास किए गए लेकिन मौसम ख़राब होने से हेलिकॉप्टर देहरादून से उड़ान नहीं भर पाया। 9 अक्टूबर को मौसम ठीक होने पर हेलिकॉप्टर नंदनवन पहुंचा और संजय मीणा को बचाने का प्रयास किया गया लेकिन देश की रक्षा करते हुए सुबह 9.20 बजे हेलिकॉप्टर के साथ आए चिकित्सकों ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया।
सांसद शंकर लालवानी ने इस मौके पर कहा कि संस्था सेवा सुरभि ने ‘ झंडा ऊंचा रहे हमारा ’ अभियान के माध्यम से इस राष्ट्रीय उत्सव के लिए जो जागरुकता पैदा की है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम ही होगी। यह एक अनुकरणीय अभियान हैं, जो सारे शहर, प्रदेश और देश तक पहुंचना ही चाहिए। यह एक भावुक कार्यक्रम है। शहीद संजय मीणा ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है, जो हम सबके लिए प्रेरणा का विषय है। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी बहनें, शहर काजी डॉ. इशरत अली, पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा, उद्योगपति वीरेन्द्र गोयल, पूर्व डीआईजी धर्मेन्द्र चौधरी, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी, अजीतसिंह नारंग, रामेश्वर गुप्ता, डॉ. दिलीप वाघेला, प्रतिभा मित्तल, डॉ. रजनी भंडारी, हिन्दी परिवार के हरेराम वाजपेयी सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अतिथियों को स्मृति चिन्ह सेवा सुरभि के अतुल शेठ एवं अनिल मंगल ने भेंट किए। राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ।
सम्मान समारोह के बाद शहीद के परिजन एवं उपस्थित नागरिक कृतज्ञता रैली की शक्ल में बीएसएफ के बैंड की राष्ट्रभक्ति से प्रेरित धुनों के साथ दुआ सभागृह से रीगल चौराहा स्थित इंडिया गेट तक पहुंचे। इस दौरान पूरे समय देशभक्ति का जज्बा छाया रहा। भारत माता की जय से लेकर अमर शहीद जिंदाबाद और वंदे मातरम के उदघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। इंडिया गेट पहुंचने पर सबने अनाम शहीदों के प्रतीक चिन्ह अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि-दीपांजलि समर्पित की। इधर रीगल चौराहे पर शाम से ही सैकड़ों दीप झिलमिलाने लगे थे। सैकड़ों नागरिक अपने परिजनों सहित इंडिया गेट पहुंचे और तिरंगे ध्वज फहराकर शहीद स्मारक को मोमबत्तियों से गुलजार बनाए रखा। मोबाइल से सेल्फी लेने का क्रम भी देर रात तक चलता रहा। इंडिया गेट पर बोहरा समाज के बैंड दल ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां और मार्चपास्ट कर वहां आने वाले लोगों का मन जीत लिया। शहीदों को पुष्पांजलि-दीपांजलि का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। संयोजक ओमप्रकाश नरेड़ा, मनीष ठक्कर, अनिल गोयल, कमल कलवानी, अरविंद जायसवाल, गोविंद मंगल आदि ने सभी मेहमानों की अगवानी की।


