हंसदास मठ पर चल रहे 108 भागवत पारायण के अनुष्ठान में कल होगी फूलों की संगीतमय होली
हंसदास मठ पर चल रहे 108 भागवत पारायण के अनुष्ठान में कल होगी फूलों की संगीतमय होली
अधिकमास में विद्वान ब्राह्मणों के साथ भागवतजी की पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी
इंदौर। एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में 108 विद्वानों द्वारा महामंडलेश्वर श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में चल रहे 108 श्रीमद भागवत पारायण के दिव्य अनुष्ठान में बुधवार 3 जून को शाम 8 बजे से फूलों की संगीतमय होली का आयोजन रखा गया है। मंगलवार को मठ पर फल वाटिका का श्रृंगार भी किया जाएगा। मठ पर पुरुषोत्तम मास में चल रहे अनुष्ठानों के तहत भगवान पुरुषोत्तम, रणछोड़जी, पंचमुखी हनुमान, टीकमजी एवं हंसेश्वर महादेव सहित अन्य देवालयों का नियमित रूप से पुष्प श्रृंगार किया जा रहा है, वहीं प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु आकर भागवत पारायण में शामिल विद्वान ब्राह्मणों एवं भागवतजी का पूजन कर पुण्य लाभ उठा रहे हैं।
पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मठ पर प्रतिदिन पूजन-अर्चन के लिए भक्तों के समूह उमड़ रहे हैं। सोमवार को महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज, हरि अग्रवाल, कमलेश खंडेलवाल, राजा यादव, राजेश शर्मा, राजेन्द्र गर्ग एवं अशोक चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में श्र्द्धालुओं ने पूजन-अर्चन और आरती में भाग लिया। मठ पर विद्वानों द्वारा “ओम नमः भगवतै वासुदेवाय” तथा अन्य महामन्त्रों के जाप्यानुष्ठान का सिलसिला भी पहले दिन से ही जारी है। मठ परिसर स्थित गौशाला में भी प्रतिदिन सुबह गौसेवा करने वाले भक्तों का ताँता लगा हुआ है।
मठ पर आचार्य पं. राजेश शास्त्री के निर्देशन में अधिकमास के प्रसंग पर विभिन्न शास्त्रोक्त अनुष्ठान चल रहे हैं। पुजारी महंत अमितदास ने बताया कि मठ की परम्परा के अनुसार अधिकमास के उपलक्ष्य में पूरे माह प्रतिदिन सुबह 9 से 12 एवं शाम 4 से 7 बजे तक 108 विद्वानों द्वारा यह दिव्य अनुष्ठान किया जा रहा है जो 15 जून तक चलेगा। मठ पर प्रतिदिन आरती एवं ब्राह्मण तथा संतों के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी जारी है। आगामी दिनों में मठ पर भगवान के नौका विहार, संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ और विभिन्न विशेष उत्सव भी आयोजित होंगे। सभी अनुष्ठान मठ स्थित देवी-देवताओं एवं आश्रम स्थित गौशाला में पल रही गौमाता की साक्षी में हो रहे हैं।


