दंगलअक्षय तृतीया पर 73 जोड़ों का होगा नि:शुल्क सामूहिक विवाह; 200 गाँवों का जुटेगा राजपूत महाकुंभ

दंगलअक्षय तृतीया पर 73 जोड़ों का होगा नि:शुल्क सामूहिक विवाह; 200 गाँवों का जुटेगा राजपूत महाकुंभ
दिखावे की शादियों को 'धोबी पछाड़': इंदौर में मांगू सिंह पहलवान का 'शाही' सेवा दंगलअक्षय तृतीया पर 73 जोड़ों का होगा नि:शुल्क सामूहिक विवाह; 200 गाँवों का जुटेगा राजपूत महाकुंभ
इंदौर | * महानगरों में जहाँ शादियाँ 'स्टेटस सिंबल' और फिजूलखर्ची का पर्याय बन चुकी हैं, वहीं इंदौर के समीप कांकरिया बोडिया (हातोद) से सामाजिक परिवर्तन की एक नई क्रांति की शुरुआत हो रही है। **मालवांचल राजपूत विकास समिति** द्वारा अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को आयोजित होने वाला **24वाँ सामूहिक विवाह सम्मेलन** इस बार अमीरी के अहंकार को सेवा के जज्बे से चित करने जा रहा है। समाजसेवी **मांगू सिंह पहलवान** के नेतृत्व में होने वाला यह आयोजन पूरी तरह नि:शुल्क होगा, जिसमें 200 गाँवों के राजपूत समाज का महासंगम देखने को मिलेगा।

### **मौत को मात देकर लिया 'सेवा का संकल्प'** इस भव्य आयोजन के पीछे एक प्रेरणादायी कहानी है। पिछले वर्ष गंभीर किडनी रोग से जूझते हुए मांगू सिंह पहलवान ने जीवन और मृत्यु के बीच के संघर्ष को करीब से देखा। स्वस्थ होने के बाद उन्होंने ईश्वर द्वारा दिए गए इस 'दूसरे जीवन' को समाज सेवा में समर्पित करने का निर्णय लिया। पहलवान का मानना है कि दिखावे की शादियों ने मध्यम और निर्धन वर्ग को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है, जिसे खत्म करना ही उनके जीवन का अब मुख्य उद्देश्य है।

### **50 हजार वर्ग फीट में सजेगा 'शाही' मंडप** आयोजन भले ही सामूहिक है, लेकिन इसकी भव्यता किसी भी वीआईपी शादी को मात दे रही है:  
* **विशाल डोम:** 50,000 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में भव्य मंडप और यज्ञशाला का निर्माण किया गया है।  
* **हजारों मेहमान:** इंदौर जिले और आसपास के 200 गाँवों से हजारों समाजजन इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे।  
* **अनुशासित व्यवस्था:** 500 युवा वालंटियर्स की टीम सुरक्षा और सत्कार के लिए तैनात रहेगी।  
* **उपहारों की सौगात:** विदा होने वाली हर बेटी को पलंग, अलमारी, 36 बर्तनों का सेट और चांदी की अंगूठी जैसे गृहस्थी के आवश्यक सामान भेंट किए जाएंगे।

 सामूहिक विवाह आज के समय की आवश्यकता

 समाज में सामूहिक विवाह की जड़ें 80 के दशक में धार जिले के पिपलिया (दीगठान) से जुड़ी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश्वर सिंह सिसोदिया के अनुसार, सामूहिक विवाह आज के समय की आवश्यकता है यहां पर सीमित खर्चे मे भसी शादिया हो रही है नागदा और घटाबिल्लौद के बाद अब कांकरिया बोडिया का यह आयोजन अपनी 'नि:शुल्क' सेवा भावना के कारण पूरे प्रदेश में एक नजीर पेश कर रहा है।

### **समाज के स्तंभों का सहयोग** इस महायज्ञ को सफल बनाने में उपाध्यक्ष बहादुर सिंह डाबी, कोषाध्यक्ष राकेश सिंह निपानिया, सचिव लाखन सिंह, धन सिंह पहलवान और राजेंद्र सिंह चौहान सहित पूरी समिति दिन-रात जुटी हुई है।

> **"धन की असली सार्थकता आलीशान महलों में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे की मुस्कान में है। यह आयोजन फिजूलखर्ची के विरुद्ध एक सामाजिक जंग है।"** > — **मांगू सिंह पहलवान, अध्यक्ष, मालवांचल राजपूत विकास समिति**

---