इंदौर के 19 वर्षीय छात्र तनिश कुमार राठौर की थाईलैंड की क्रिर्क यूनिवर्सिटी की इंटरनेशनल इंटर्नशिप पूरी होने पर किया सम्मानित
इंदौर के 19 वर्षीय छात्र तनिश कुमार राठौर की थाईलैंड की क्रिर्क यूनिवर्सिटी की इंटरनेशनल इंटर्नशिप पूरी होने पर किया सम्मानित
इंदौर।मध्यप्रदेश के शिक्षा नगरी इंदौर के लिए यह गर्व का क्षण है कि नरसी मोंजी यूनिवर्सिटी (NMIMS) इंदौर के बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र तनिश कुमार राठौर का चयन थाईलैंड की बहुप्रशंसित क्रिर्क यूनिवर्सिटी (QS Star Rated University) में 1 माह की अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप के लिए हुआ था। यह इंटर्नशिप 4 जून 2025 से प्रारंभ होकर 2 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय परिसर में एक गरिमामय प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ संपन्न हुई।
इस समापन समारोह में क्रिर्क यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने तनिश की कार्यशैली, सीखने की जिज्ञासा और वैश्विक वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता की प्रशंसा की। इस मौके पर विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. जरान मालुलीम, ब्रिटिश इंटरनेशनल कॉलेज के डीन डॉ. जॉन वॉल्श, इंटरनेशनल अफेयर्स की डायरेक्टर डॉ. चनीदाफा, साउथ एशिया प्रतिनिधि श्री धीरज कुमार शाक्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में तनिश ने अपनी इंटर्नशिप के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह इंटर्नशिप उनके व्यक्तिगत और शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कल्चर, टीम वर्क, ग्लोबल प्रोटोकॉल एवं लीडरशिप के अनेक आयामों को सीखा।
क्रिर्क यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने यह भी बताया कि तनिश का समर्पण, अनुशासन और प्रस्तुतिकरण अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच उन्हें एक अलग पहचान दिलाने में सफल रहा। इस आयोजन में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने NMIMS इंदौर और भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की वैश्विक भागीदारी की सराहना की।
क्रिर्क यूनिवर्सिटी की ओर से भारत के कॉलेज की इंटरनेशनल अफेयर्स शाखा के निदेशक को भी आमंत्रित किया गया था, जिसमें डॉ. रवींद्र पाठक (मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर) का नाम चर्चित रहा। इस पहल से इंदौर के विश्वविद्यालयों के बीच भविष्य में और भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की उम्मीद बनी है।
कार्यक्रम के अंत में तनिश कुमार राठौर को क्रिर्क यूनिवर्सिटी की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा उपहार स्वरूप प्रशस्तिपत्र एवं विशेष स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
तनिश ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों, परिजनों और मार्गदर्शकों को देते हुए कहा कि “यह अनुभव मेरे जीवन की दिशा को वैश्विक दृष्टिकोण देगा और आगे चलकर मुझे अपने लक्ष्य तक पहुँचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
यह उल्लेखनीय है कि तनिश कुमार राठौर जैसे छात्र, विदेश में अपनी प्रतिभा से देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो भारत के शिक्षा क्षेत्र की गुणवत्ता और युवाओं के अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त होने का प्रमाण है।



