उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, गांव जमींदोज: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता

उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, गांव जमींदोज: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता

उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, गांव जमींदोज: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता

उत्तराखंड के धराली में बादल फटा, गांव जमींदोज: 4 की मौत, 50 से ज्यादा लापता

प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी की टीमें बचाव और रेस्क्यू के काम में जुटी हैं।

खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से धराली का बाजार, मकान और होटल बह गए। सिर्फ 34 सेकेंड में सब कुछ बर्बाद हो गया।

धराली के अलावा हर्षिल और सुक्की में बादल फटा है। हर्षिल इलाके में बादल फटने से सेना के 8 से 10 जवानों के लापता होने की खबर है।

वीडियो में लोग जान बचाते दिखे, 30 फीट तक मलबा जमा
इस आपदा के कई वीडियो सामने आए। इनमें लोग जान बचाने के लिए यहां-वहां भागते नजर आए। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

जो लोग इसके वीडियो बना रहे थे, वो लोगों से दूरी होने के बाद भी चिल्ला-चिल्लाकर बचने के लिए कह रहे थे। आपदा के बाद धराली में 30 फीट तक मलबा जम गया। बाजार की कई दुकानें और आसपास के मकान जमींदोज हो गए।

धराली गंगोत्री धाम से 18 किमी दूर
धराली गांव उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक छोटा पहाड़ी गांव है। यह गांव भागीरथी नदी के किनारे, हर्षिल घाटी के पास बसा हुआ है।

धराली गांव गंगोत्री यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव है। गंगोत्री धाम से पहले यह अंतिम बड़ा गांव है, जहां से लोग आगे की कठिन चढ़ाई के लिए रुकते हैं। तीर्थयात्रियों को यहां रहने और खाने की सुविधा मिलती हैं।
देहरादून से 218 किमी और गंगोत्री धाम से 18 किमी दूर है। अब तक यह सामने नहीं आया है कि आपदा के वक्त यहां कितने लोग मौजूद थे। प्रशासन का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।