कांटाफोड़ शिव मंदिर पर माँ वैष्णो देवी की गुफा से होकर रजत मंडित 

कांटाफोड़ शिव मंदिर पर माँ वैष्णो देवी की गुफा से होकर रजत मंडित 

कांटाफोड़ शिव मंदिर पर माँ वैष्णो देवी की गुफा से होकर रजत मंडित 
गर्भ गृह में विराजित शिव-पार्वती पहनाएँगे एक दूसरे को वरमाला
ढोल-ढमाकों सहित मंदिर पहुंचे भक्तों ने लगाई दूल्हे राजा को मेहँदी – आज लगाएंगे उबटन, कल केशर जल से स्नान

इंदौर। नवलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय शिव विवाह एवं शिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को सैकड़ों भक्तों ने दूल्हा बने भगवान शिव और दुल्हन बनी गौरा मैया को मेहंदी लगाई। अनेक परिवार ढोल-ढमाकों के साथ अपने-अपने घरों से मेहंदी घोलकर लाए और नाचते-गाते हुए दूल्हा-दुल्हन को मेहंदी लगाई। मंदिर पर शनिवार को सुबह 10 बजे से दूल्हा-दुल्हन को लेपन-उबटन लगाने की रस्म होगी। महाशिवरात्रि पर्व पर इस बार शहर के भक्तों को 15 फरवरी को सांय 6 बजे से कांटाफोड़ मंदिर पर माँ वैष्णो देवी की गुफा से होकर निकलने के बाद दूल्हा बने भगवान शिव के दर्शन होंगे। इस मौके पर मंदिर के गर्भ गृह को विवाह के मंडप की तरह सजाकर विवाह की सभी रस्मों की झांकी के दर्शन होंगे। यह झांकी पिछले 1० दिनों के मेराथन प्रयासों से 10 कलाकारों ने तैयार की है। 
                  मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विष्णु बिंदल, सुभाष बजरंग, टीकमचंद गर्ग एवं बी.के. गोयल ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर पर भगवान को मेहंदी लगाने की रस्म शुरू हुई जो दोपहर तक चलती रही। दोपहर में ही भगवान शिव को पंचामृत से भी अभीसिक्त किया गया। इस दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। कई बार भगवान भोलेनाथ के जयघोष और नाचने-गाने के दृश्य भी देखने को मिले। भक्तों ने भगवान के त्रिशूल और डमरू को भी मेहंदी लगाई।
                 *आज दूल्हे-दुल्हन को उबटन, कल केशर जल से स्नान* - महोत्सव में शनिवार को सुबह 10 बजे से लेपन-उबटन की रस्म संपन्न होगी और रविवार, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर दोपहर 1 बजे से भगवान को केसर जल से स्नान कराया जाएगा। सांय 6 बजे से 10 कलाकारों द्वारा निर्मित की गई माँ वैष्णो देवी की गुफा और भगवान शिव-पार्वती विवाह की जीवंत और मनोहारी झांकी के दर्शन होंगे। इस झांकी में विवाह मंडप, वरमाला एवं सात फेरों सहित विवाह से जुड़े प्रसंगों को इन कलाकारों ने बहुत शिद्दत से तैयार किया है। सोमवार, 16 फरवरी को महाकाल की तर्ज पर सुबह 5 बजे भस्मारती होगी। इसके पूर्व रात्रि 1. 30 बजे से बाबा भोलेनाथ का रूद्राभिषेक भी होगा।  इसमें नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, एकलव्य गौड़ सहित  अनेक विशिष्टजन आरती में भी शामिल होंगे। 
                 *ऐसे बन रही झांकी*- भक्त मंडल के संदीप गोयल ने बताया कि 10 कलाकार यहां माँ वैष्णो देवी की गुफा और गर्भ गृह में विराजित भगवान शिव-पार्वती के विवाह की भव्य झांकी का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें मंदिर के रजत मंडित गर्भगृह को विवाह मंडप के रूप में सजाकर वहां शिव-पार्वती के शुभ लग्न, सात फेरे, वरमाला एवं अन्य रस्मों की जीवंत झांकी के दर्शन हो सकेंगे। यह झांकी 15 फरवरी को सांय 6.30 बजे से आरती के पश्चात आम भक्तों के दर्शनार्थ उपलब्ध रहेगी। मंदिर पर महिला-पुरुषों के लिए पृथक कतारों में लगकर दर्शन करने और वापसी में प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी। यातायात व्यवस्था सँभालने के लिए 50 कार्यकर्ता मंदिर के बाहर तैनात रहेंगे।