स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका

स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका

इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका

- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया

- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र

- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे 

इंदौर।: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी, ए.बी. रोड, राजेंद्र नगर, के परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। इस गेम को सन् 1986 में मनोवैज्ञानिक दिमित्री डेविडॉफ ने डिज़ाइन किया था। इसका उद्देश्य युवाओं की सोच, डिसीजन मेकिंग, नेगोशिएशन और लीडरशिप स्किल्स को परखना है।

इस चैंपियनशिप को इंदौर में बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। यही वजह रही कि समिट में मौजूद इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स इस फॉर्मेट से काफी प्रभावित नज़र आए। 

माफिया इंक चैंपियनशिप के विनर्स को कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत चुने गए स्टूडेंट्स को पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है, जिसके अंतर्गत इस पहल को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

इस साल समिट की थीम रही, भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर। पूरे कार्यक्रम के दौरान यही बात सामने आई कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज़ी से बदल रहा है और इस बदलाव में स्टूडेंट्स की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा अहम् हो गई है। 

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें। उत्साह को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि कॉलेज के छात्र अब सिर्फ आइडियाज़ तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन्हें ज़मीन पर उतारने की सोच भी रखने लगे हैं।

कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे। 

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।

Winners of Mafia Inc 2026
1. Labdhi Nahar
2. Pahal Jain
3. Madhavi dhudani
4. Laxmi Choudhary 
5. Ravi Thakur
6. Bhavesh Nikumbe
7. Sheetal Somani