भू-समाधि स्थल का भूमि पूजन संपन्न, श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह

भू-समाधि स्थल का भूमि पूजन संपन्न, श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह

भू-समाधि स्थल का भूमि पूजन संपन्न, श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह

10 अप्रैल से तीन दिवसीय भू-समाधि साधना, 5 से 15 अप्रैल तक विराट हनुमंत मेला

इंदौर। आगामी 5 से 15 अप्रैल तक आयोजित होने जा रहे विराट हनुमंत मेला, तीन दिवसीय दिव्य भू-समाधि साधना एवं सर्व समाज निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों ने अब गति पकड़ ली है। इसी क्रम में ग्राम पिपलिया लोहार स्थित संकट मोचन हनुमंत मंदिर परिसर में भू-समाधि स्थल का विधिवत भूमि पूजन श्रद्धा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ।

भूमि पूजन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। ब्राह्मणों एवं विद्वानों द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया गया। इस दौरान समाधि स्थल के लिए लगभग 7 फीट गहरा, 5 फीट चौड़ा एवं 6 फीट लंबा गड्ढा तैयार किया गया, जिसमें परम पूज्य तपोनिष्ठ संत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राजगुरु महाराज जी तीन दिवसीय भू-समाधि साधना करेंगे। भूमि पूजन के बाद से ही समाधि स्थल को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु स्थल पर पहुंचकर पूजा-पाठ कर रहे हैं और इस अद्वितीय साधना के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

इस अवसर पर राजगुरु महाराज जी ने कहा कि “तपस्या से ही समस्याओं का समाधान संभव है।” उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान उन्होंने नौ दिनों तक कठोर तपस्या करते हुए बिना अन्न और जल के साधना संपन्न की है। आगामी 5 अप्रैल से विशेष तपस्या का क्रम प्रारंभ होगा, जिसके अंतर्गत 10 अप्रैल से तीन दिवसीय भू-समाधि साधना की जाएगी। महाराज जी ने कहा कि इस साधना का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्र और विश्व कल्याण है। तीन दिवसीय साधना के पश्चात वे संकट मोचन हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे कि भारत सहित पूरे विश्व की समस्याएं दूर हों, शांति, स्वास्थ्य और समरसता स्थापित हो तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहे।

उल्लेखनीय है कि 5 से 15 अप्रैल तक आयोजित इस महोत्सव में 10 दिवसीय विराट हनुमंत मेला, श्रीमद्भागवत कथा, रुद्राक्ष अभिषेक एवं वितरण, अखंड हनुमान चालीसा पाठ, अखंड धूना एवं अखंड ज्योति के साथ-साथ 8 से 14 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम के तहत 8 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 14 अप्रैल को अन्नपूर्णा प्रसादी वितरण एवं सर्व समाज निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं विधायक उषा ठाकुर की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

आयोजन समिति ने बताया कि इस भव्य धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आध्यात्मिक महायज्ञ का हिस्सा बनें।