ग्रीन एनर्जी, तकनीकी नवाचार और सतत विकास पर विशेषज्ञों का जोर

ग्रीन एनर्जी, तकनीकी नवाचार और सतत विकास पर विशेषज्ञों का जोर

ग्रीन एनर्जी, तकनीकी नवाचार और सतत विकास पर विशेषज्ञों का जोर,

1.6 गीगावाट परियोजना बनी आकर्षण का केंद्र

- सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इंदौर में हुआ आयोजन

इंदौर।सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा और अटूट स्रोत है, जिसके प्रभावी उपयोग से न केवल ऊर्जा संकट को कम किया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया जा सकता है। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

यह विचार इंदौर में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हुए भव्य आयोजन में वक्ताओं ने व्यक्त किए और आयोजन को देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। आयोजन में सोलर ऊर्जा के महत्व, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और स्वच्छ भविष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप दीप प्रज्वलन के साथ “असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय…” श्लोक के उच्चारण के साथ  निकेत,  अमिताभ सिंह, श्री प्रमोद सिंह, राजेश तंवर,  अक्षत सिंह ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि गिरीश शुक्ला शर्मा और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कंपनी के डायरेक्टर अमिताभ सिंह ने अपने संबोधन में सोलर ऊर्जा के बढ़ते महत्व, बाजार की संभावनाओं और कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सोलर ऊर्जा देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी। टेक्निकल डायरेक्टर प्रमोद सिंह ने सोलर तकनीक, मॉड्यूल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा की। चैनल सेल्स मैनेजर विजय भटनागर ने कंपनी की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा और उपलब्धियों को बताया। सेल्स एवं मार्केटिंग हेड घनश्याम परमार ने स्लाइड के माध्यम से उत्पादों की विशेषताओं और उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी और कराडगांव में प्रस्तावित 1.6 गीगावाट क्षमता वाले सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के बारे में बताते हुए कहा कि यह देश के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस परियोजना से घरेलू उत्पादन को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और “मेक इन इंडिया” अभियान को भी गति मिलेगी। कार्यक्रम में शामिल सभी मुख्य अतिथियों का सम्मान भी किया गया। आखिर में इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सोलर ऊर्जा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों ने उनके जवाब समाधान के साथ दिए।

इस दिशा में काम कर रही कंपनी :
कंपनी आत्मनिर्भर सोलर प्रायवेट लिमिट्स उच्च दक्षता वाले सोलर पीवी मॉड्यूल के निर्माण के क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई कंपनी के रूप में सामने आ रही है। कंपनी का अत्याधुनिक और पूर्णतः ऑटोमेटेड 300 मेगावाट वार्षिक क्षमता वाला निर्माण संयंत्र गुजरात के कपडवंज में स्थापित है। इन सोलर उत्पादों का उपयोग देशभर में ग्राउंड माउंटेड और रूफटॉप प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में सोलर पंपिंग सॉल्यूशन के रूप में भी किया जा रहा है, जिससे किसानों को सस्ती और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों में सक्रिय योगदान देना है।