सांवेर में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले नगर पंचायत अध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है सरकार
सांवेर में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले नगर पंचायत अध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है सरकार
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता संतोष सिंह गौतम ने लगाया आरोप
शिकायतकर्ता के द्वारा बार-बार की जा रही शिकायतों के बावजूद भाजपा नेताओं के दबाव में अधिकारी नहीं कर रहे हैं कोई कार्रवाई
इंदौैर। प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार के मुखिया मोहन यादव हमेशा ही राज्य में सुशासन लाने के झूठे दावे करते रहते हैं, परंतु उनकी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और निरंकुश सरकारी अधिकारी किस प्रकार से पूरे राज्य में भ्रष्टाचार एवं सरकारी जमीनों की हेरा-फेरी एवं अवैध कब्जे करने में पूरी तरह संलग्न हैं। कोई जिला और तहसील ऐसी नहीं है, जहां जमीनों को हथियाने का यह गोरखधंधा नहीं चल रहा हो। भाजपा नेताओं द्वारा जमीनों की इसी बंदरबांट का जीता जागता उदाहरण हमारे इन्दौर की सांवेर तहसील में देखने को मिला है, जहां भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप चंगेडिया और उनके परिवार द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। यह बात आज इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में म.प्र. कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता संतोष सिंह गौतम ने कही।
श्री गौतम ने भाजपा नेता एवं नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप चंगेडिया और उनके परिजनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सांवेर की कई बहुमूल्य एवं मौके की सरकारी जमीनों पर अवैध भवन निर्माण कर जमीन हथियाने का कार्य किया है। सांवेर के वार्ड नंबर 14-13, केशरीपुरा निवासी संतोष कुमावत ने कई बार सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध कब्जे की शिकायत करने के बाद भी आज तक संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा रसूखदार नेता संदीप चंगेडिया एवं उनके परिवार के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की है।
संतोष कुमावत की शिकायत के आधार पर उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 2 में सर्वे क्रमांक 249/2, रकबा 250/2 राजकिशोर त्रिवेदी से 30 सितंबर 2022 को 1800 वर्ग फीट जमीन संदीप चंगेडिया ने अपनी पत्नी मनीषा के नाम खरीदी थी, लेकिन उसके पास की 1200 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर 3000 वर्ग फीट में 3 मंजिला भवन बना लिया गया। इसी प्रकार दूसरी शिकायत में अजनोद रोड पर स्थित सर्वे क्रमांक 260/2, 261/2 कुल रकबा 1 हेक्टेयर नारायण कुमावत की है एवं सर्वे क्रमांक 277 शासकीय भूमि है, जो राजस्व अभिलेख में शासकीय सड़क के रूप में दर्ज है। इस पर नक्शे में हेरफेर करते हुए स्वयं के निजी सर्वे क्रमांक पर दर्ज करवा लिया।
तीसरी शिकायत सांवेर के सर्वे क्रमांक 273 के संबंध की गई थी। सर्वे क्रमांक 273 पूर्व मिसल में शासकीय भूमि है। राजस्व अभिलेखों में बदलाव करते हुए 272/1 (एस) रकबा 1.1970 हेक्टेयर आज भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसी भूमि का बटांकन करते हुए हुए भाग 273/2 रकबा 0.0810 हेक्टेयर शंकरलाल कुमावत के नाम दर्ज की गई है।
तीनों मामलों में शिकायतकर्ता द्वारा कई बार सूचना का अधिकार एवं नकल प्राप्त हेतु आवेदन किए गए, परंतु आज तक दस्तावेज प्राप्त नहीं हुए हैं। इन शिकायतों का निराकरण भी नहीं किया जा रहा है। इससे प्रतीत है कि जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जाना सत्तादल एवं नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप चंगेडिया के प्रभाव में इस मामले को रफादफा किए जाने प्रयास किया जा रहा है।



