लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में प्रातः 4 बजे से लगातार 24 घंटे चल   रहा परिक्रमा का अखंड क्रम

लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में प्रातः 4 बजे से लगातार 24 घंटे चल    रहा परिक्रमा का अखंड क्रम

श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ

लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में प्रातः 4 बजे से लगातार 24 घंटे चल  

रहा परिक्रमा का अखंड क्रम, 15 हजार भक्तों की भागीदारी

बंगाली चौराहा पर चल रहे अनुष्ठान में हर दिन आ रहे देश के जाने माने संत, विद्वान, मकर संक्रांति पर बनेगा 40 हजार भक्तों के लिए महाप्रसाद

इंदौर। बंगाली चौराहा स्थित मैदान पर चल रहे विराट लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में अनूठे मंजर देखने को मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में यहाँ आने वाले श्रद्धालु अपने व्यसनों, बुरी आदतों, नशे और अन्य बुराइयों को यज्ञ कुंड में प्रज्वलित पवित्र अग्नि की साक्षी में छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं। सोमवार को 500 से अधिक स्कूली बच्चों ने भी यज्ञ शाला की परिक्रमा कर महंत कृष्ण गोपाल दास महाराज एवं काशी से आए यज्ञाचार्य पं. पुष्कर पांडे सहित यहाँ मौजूद 30 से अधिक संतों-महंतों के सानिध्य में यज्ञ एवं परिक्रमा की महत्ता सहित सनातन संस्कृति के बारे में जानकारियां प्राप्त की। यज्ञ स्थल पर संभवतः पहली बार चौबीस घंटे अनवरत यज्ञ शाला की परिक्रमा का सिलसिला देखने को मिल रहा है। औसतन यहाँ 10 से 15 हजार श्रद्धालु प्रतिदिन यज्ञ शाला की परिक्रमा कर रहे हैं।

                     आयोजन समिति के देवव्रत पाटीदार एवं अलकेश सुलिया ने बताया कि पंचमुखी धाम आगरोद के अधिष्ठाता महंत कृष्णगोपाल दास महाराज के सानिध्य में सुबह 7.30 बजे से शाम 6 बजे तक याज्ञिक क्रियाएँ चल रही हैं। समूचा बंगाली चौराहा क्षेत्र काशी के विद्वानों के आचार्यत्व में यज्ञनारायण के जयघोष तथा श्रीसूक्त एवं पुरुषसूक्त की आहुतियों एवं स्वाहाकार की मंगल ध्वनि से गूंज रहा है। सोमवार को महानिर्वाणी अखाड़ा वृंदावन के महामंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, विरक्त साधु समाज मंडल के अध्यक्ष तेरा भाई त्यागी आश्रम के महामंडलेश्वर रामबालक दास रामायणी अपनी संत मंडली सहित यज्ञ स्थल पहुंचे और लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में दर्शन पूजन किए। संध्या को हनुमानगढ़ी अयोध्या के गोविंददास महाराज तथा बुरहानपुर से उदासीन अखाड़ा के महंत रामदास महाराज ने भी धर्मसभा में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। वृंदावन से आए मनमोहनदास महाराज ने इस अवसर पर भक्तों से त्याग, वैराग्य और भक्ति के साथ जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। 

                 30 से अधिक संत-विद्वान पहुंचे - महायज्ञ में तपोनिष्ठ संत महंत सुखराम दास महाराज, निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी केशवदास महाराज, बद्रीनाथ धाम से महंत गोविन्ददास, महामंडलेश्वर भरतदास महाराज, फौजी बाबा रामकृपाल दास, हरिद्वार के महंत रामदास, वृंदावन के मनमोहन दास, महंत रघुनाथ दास, महंत विजय दास सहित 30 से अधिक संतों, विद्वानों और महंतों का सानिध्य मिल रहा है। 

                 अब स्कूली बच्चों ने भी की परिक्रमा - सोमवार को सुबह सरदार पटेल इंटरनेशनल स्कूल के करीब 500 बच्चों ने भी यज्ञ शाला की परिक्रमा की और महंत कृष्णगोपाल दास महाराज से आशीर्वचन प्राप्त किए। स्कूल के संचालक नीरज पाटीदार एवं प्राचार्य वर्षा अग्रवाल के साथ इन बच्चों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ यज्ञ शाला की परिक्रमा भी की और महंत जी से यज्ञ की महत्ता के बारे में जानकारियां भी प्राप्त की। अन्य स्कूलों के बच्चे भी यज्ञ शाला की परिक्रमा करने आने लगे हैं। परिक्रमा के लिए यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। परिक्रमा का क्रम सुबह 4 बजे से ही शुरू हो जाता है जो नियमित और अनवरत चौबीस घंटे चल रहा है। औसतन 10 से 15 हजार लोग यहाँ यज्ञ शाला की परिक्रमा कर रहे हैं। परिक्रमा करने वालों में दिव्यांग, दृष्टिहीन, मूकबधिर और अन्य बीमारियों से पीढित श्रद्धालु भी आ रहे हैं, जो अपनी क्षमता के अनुसार 1 से लेकर 108 परिक्रमा तक लगा रहे हैं। 

                40 हजार भक्तों के लिए दाल और चावल की खिचड़ी सहित बनेगा महाप्रसाद – महंत कृष्णगोपाल दास महाराज के आह्वान पर प्रतिदिन यहाँ आने वाले श्रद्धालु अपने साथ मूंग की दाल और चावल लेकर आ रहे हैं। अब तक यहाँ करीब 12 क्विंटल दाल चावल का संग्रह जमा हो चुका है। मकर संक्रांति पर यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर यहाँ 20 क्विंटल दाल चावल से खिचड़ी प्रसाद के साथ ही 20 क्विंटल आटे, 25 क्विंटल रामभाजी, 25 क्विंटल आलू और नुकती प्रसाद का निर्माण होगा। करीब 40 हजार भक्तों के लिए यहाँ यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात शाम 4 बजे से महाप्रसादी का क्रम प्रारंभ होगा।