भगतसिंह नास्तिक नहीं थे-मुकेश , बजरंग दल का शौर्य संचालन
भगतसिंह नास्तिक नहीं थे-मुकेश मोलवा
बजरंग दल का शौर्य संचालन
इंदौर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रचार प्रमुख अन्नु गेहलोत ने बताया बजरंग दल का शौर्य संचालन रेडीमेड कांप्लेक्स से निकला परदेसी पुरा तीन पुलिया पाटनीपुरा मालवा मिल पर समापन हुआ संचालन मैं हजारों बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल हुए।
वन्देमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे हूए, वन्देमातरम भारती की वंदना है, वन्देमातरम राष्ट्र की चेतना है वन्देमातरम क्रांतिकारियों के ह्रदय की धड़कन रहा, वन्देमातरम राष्ट्रभक्तो का मुलमंत्र है, माँ भारती की वंदना में प्राण अर्पित करने वाले भगतसिंह नास्तिक नहीं थे, हिन्दू धर्म की रक्षा करते हूए गुरु तेगबहादुर के बलिदान को 350 वर्ष हो गए है, संघ का यह शताब्दी वर्ष है, स्व के बोध के साथ पंच परिवर्तन के सूत्र से राष्ट्र निर्माण होगा, बजरंग दल राष्ट्र शक्ति है, बजरंग दल सेवा सुरक्षा संस्कार के सूत्र के साथ राम मंदिर के बाद राष्ट्र मंदिर के निर्माण को प्रतिबद्ध है उक्त विचार बजरंग दल के शौर्य संचलन में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हूए प्रान्त विमर्श प्रमुख कवि मुकेश मोलवा ने व्यक्त किए।
अपने उदबोधन में बोलते हूए मुकेश मोलवा ने कहा कि चंद्रगुप्त, स्कण्दगुप्त, विक्रमादित्य, यशोधर्मा, बाजीराव, रविदास, बिस्मिल, केशव, माधव हमारे आदर्श है।
जब भी मथुरा का कन्हैया और काशी बुलाएगी देश का युवा संकल्प के साथ जाएगा, भोजशाला हमारी आस्था है। बजरंग दल का युवा गौ गंगा गायत्री गीता की रक्षा के लिए प्रतिज्ञ है, पृथ्वीराज चौहान ने 14 वर्ष की उम्र में प्रथम युद्ध जीता, 26 की वय तक अनेक युद्ध जीतकर अपने प्राण राष्ट्रधर्म पर लुटा दिए, स्कण्दगुप्त 17 वर्ष की अवस्था में मगध के सिंहासन पर विराजे और 40 वर्षो तक राष्ट्र की रक्षा के लिए सरहद पर डटे रहे, ये वीर भारत की प्रेरणा है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे जिला अध्यक्ष निकेत मंगल, विभाग मंत्री यज्ञेश राठी ,प्रवीण दरेकर ,अविनाश कौशल ,जयेश मौर्य ,रवि चौकसे ,अंकित मैर्य, उत्तम बडीया ,आनंद गेहलोत ,आकाश हेडवे, जितेश राय , अन्नू गेहलोत ,मंच का संचालन मनोज यादव द्वारा किया गया प्रखण्ड एवं खंड के कार्यकर्ता उपस्थित है



