*इन्दौर में सहकारी सप्ताह का गरिमामय समापन*

1.

*इन्दौर में सहकारी सप्ताह का गरिमामय समापन* 

इन्दौर। 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन इन्दौर शहर में अत्यंत गरिमामय एवं भव्यता के साथ जिला सहकारी संघ, किला मैदान, इन्दौर के सभागार में सम्पन्न हुआ। मुख्य थीम "आत्मनिर्भर भारत के रूप में सहकारिता" सप्ताह के समापन का विषय, जिसमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिये अभिनव सहकारी व्यवसाय के मॉडल के रूप में आयोजित समापन समारोह पर कार्यशाला के अवसर पर प्रथमत: राष्ट्रगीत, सहकार गीत, सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ बतौर मुख्य अतिथि डॉ. मनोज जायसवाल, उपायुक्त सहकारिता, जी.एस. परिहार, सहायक आयुक्त, सहकारिता, धर्मेन्द्र दांगी आर.एस.एस. पूर्णकालिक प्रचारक, नवनियुक्त भाजपा नगर महामंत्री एड. श्रीमती स्वाति काशिद, जिला सहकारी संघ के प्रशासक के.के. जमरे, सहकारी केन्द्र के प्राचार्य दिलिप मरमट, सहकारिता अधिकारी आर.एस. ठाकुर, राजकुमार देवकर, डी.एस. चौहान द्वारा कार्यक्रम के संबंध में विस्तार पूर्वक "सहकार से समृद्धि" एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता के प्रत्येक कार्य-व्यवसाय में अभिनव पहल के रूप में इसे क्रियान्वित करने हेतु तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सहकारिता आन्दोलन को जन आन्दोलन के साथ-साथ को-ऑपरेटिव्ह प्रायवेट पब्लिक पार्टनरशीप के रूप में समृद्ध करने हेतु उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सहकारी आन्दोलन के कार्मिकों को आगाह किया। सहकारिता के मूल उद्देश्य, सहकारिता के सिद्धांत, सात रंगों की स्वच्छंदता तथा सहकारी झण्डे का अतीत एवं सहकारी गीत, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, वन्दे मातरम की सार्थकता को धरातल पर लाने हेतु समग्र प्रयासों की अपील की गई। समापन अवसर  सहकार भारती के महामंत्री कीर्तिश धामारीकर, रमेश मालवीय, उष्मा मालू, संतोष शिम्पी, प्रमुख रूप से  उपस्थित रहे। 
धर्मेन्द्र दांगी द्वारा वसुधैव कुटुम्बकम की राष्ट्रीय अवधारणा को बहुप्रचारित करने हेतु एवं सहकारिता में संस्कारों के पुनर्निमाण हेतु प्रबोधन करते हुए सभी को इस जन आन्दोलन में सहभाग हेतु सुझाव दिये गये तथा भारत वर्ष एवं अन्य प्रदेशों में विभिन्न प्रकार से संचालित सहकारी संस्थाओं के कार्यों का विस्तार से वर्णन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन - टैक्सी के शीघ्र प्रारंभ होने की जानकारी दी गई तथा अन्य राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं के शीघ्रातीशीघ्र गठन के संबंध में सहकारिता विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी डॉ. मनोज जायसवालय द्वारा दी गई, जिसमें भारतीय बीज संघ, नेशनल एक्सपोर्ट एवं नेशनल ऑर्गेनिक्स जैसी संस्थाओं के गठन की जानकारी के साथ-साथ कोर बैंकिंग, ऑनलाईन बैंकिंग, ई.आर.पी. ऑडिट तथा जिला बैंकों/अर्बन बैंकों द्वारा माईक्रो ए.टी.एम., ए.टी.एम. एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिये जाने की जानकारी दी गई।
 एड. स्वाति काशिद द्वारा गुजरात, महाराष्ट्र के सहकारिता आन्दोलन एवं उन राज्यों की सहकारी संस्थाओं के उन्नयन एवं विकास की कहानी दर्शाते हुए उसे सामाजिक सारोकार एवं पारिवारिक दायित्वों के उद्देश्यों की पूर्ति का माध्यम बताया गया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार देवकर, आभार प्रदर्शन दौलतसिंह राठौर द्वारा कियागया .
अंत में राष्ट्रगान का सस्वर पाठ करते हुए समापन किया गया।