पत्रकारिता महोत्सव में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर और जल संसाधन मंत्री सिलावट ने किया संबोधित

पत्रकारिता महोत्सव में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर और जल संसाधन मंत्री सिलावट ने किया संबोधित

पत्रकारिता महोत्सव में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर और जल संसाधन मंत्री सिलावट ने किया संबोधित

देश के विकास की कमान युवाओं के हाथ में होगी - सिलावट

इंदौर। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि आने वाले समय में देश के विकास की कमान युवाओं के हाथ में होगी। आज विश्व का सबसे तरुण देश भारत है।

‘क्लास रूम के बाहर जेन-जी’ विषय पर स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के भारतीय पत्रकारिता महोत्सव के तीसरे दिन पहला सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह मालवा की भूमि है। राहुल बारपुते, राजेंद्र माथुर की लेखनी याद की जाती है। इनकी लेखनी पत्रकारिता में विश्वास की प्रतीक है। प्रजातंत्र की सबसे बड़ी बुनियाद चौथा स्तंभ है। विचार से नई उर्जा निकलती है। हमारी गलती जनता तक ले जाते हैं। देश के विकास में आपका योगदान हो। विश्व का सबसे तरुण राष्ट्र भारत है। आने वाले समय में विकास और प्रगति की कमान युवाओं के हाथ में होगी। सोच, विचार, चिंतन में सरकार आपके साथ है। इंदौर क्लीन और ग्रीन सिटी है। समाज के हर वर्ग का समागम हो।

 मंदसौर विश्वविद्यालय के शोध निर्देशक प्रो. डॉ. आर.के. जैन ने कहा कि जेन-जी का नेटिव सोशल मीडिया, इंटरनेट, मोबाइल है। इस समूह ने नई तकनीक को अपनाया। आज टीचर को समझना होगा कि वह सही पढ़ा रहा है या नहीं। आज का युवा कह देता है कि हमें पुराने उदाहरण से मत बताओ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कब किस तरह करना है यह समझना होगा। जेन-जी कभी क्लास में तारीफ नहीं करता है बल्कि यह बता देता है कि क्या छूट गया है। इस वर्ग ने आज के दौर के नए टीचर को तैयार किया है। एआई का उपयोग करना गलत नहीं है। अभी यह वर्ग नोट्स नहीं बनाना चाहता है। हमें क्लास में यह स्पष्ट करना होता है कि आप यहां पर हमसे सीखने के लिए आओ। क्लास रूम में जेन-जी ने नया चैलेंज दिया है। उनके द्वारा लाए गए बदलाव के कारण क्लास रूम में एक बड़ा परिवर्तन दिखने लगा है। कृतज्ञता व्यक्त करना जेन-जी भुल चुके हैं।
जेन-जी को अपनी दिशा खुद तय करना है

वुमंस प्रेस कॉर्प न्यू दिल्ली की अध्यक्ष सुजाता राघवन ने कहा कि जेन-जी का समय है। उन्हें ही अपनी दिशा तय करना होगी। अब पुरा देश जेन-जी के साथ में है। पत्रकारिता का मतलब अब निडर और विश्वसनीय होना जरूरी है। जिन लोगों की कोई सुनवाई नहीं होती है उनकी बात को उजागर करना जरूरी है। पत्रकारों को पक्षपात से दूर होकर काम करना होगा। जेन-जी पैदा डिजिटल मीडिया में हुए है। वे उससे बहुत फ्रेंडली है। जेन-जी की ताकत का उपयोग पत्रकारिता के उद्देश्य की पूर्ति में किया जाना चाहिए। पहले हम खबर को ढूंढते थे अब खबर हमें ढूंढ लेती है। उन्होंने अमेरिका में 1000 युवाओं पर किए गए रिसर्च की विस्तार से जानकारी दी। सोशल मीडिया को उन्होंने दो-धारी तलवार बताया। पत्रकारिता में सच्चाई को जेन-जी आवश्यक मानते हैं। यह पत्रकारिता का मूल सिद्धांत है।

हम अपनी जानकारी खुद देकर साइबर अपराध का रास्ता खोलते हैं - दंडोतिया

साइबर अपराध के विशेषज्ञ इंदौर पुलिस के अधिकारी राजेश दंडोतिया ने कहा कि जेन-जी इंटरनेट की जनरेशन है और जेन-अल्फा एआई की जनरेशन है। आने वाले समय में जेन-जी भी पुराने हो जाएंगे और जेन-अल्फा आगे जाकर जेन-जी बन जाएंगे। आज मीडिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न है। क्या आप जो दिखा रहे हैं उस पर जनता विश्वास कर रही है। कोई भी बात पर यह पीढी विश्वास उस वक्त तक नहीं करती जब तक आप उसका कारण स्पष्ट नहीं करते। यह पीढ़ी कॉन्फिडेंट है लेकिन ओवर कॉन्फिडेंट है। यह पीढ़ी स्मार्ट है लेकिन ओवर स्मार्ट है। डीप फेंक वीडियो का रॉ मैटेरियल हम खुद अपनी पोस्ट डालकर देते हैं। साइबर क्राइम में यहां आवश्यक है कि यदि आपके साथ कोई अपराध हुआ है तो तत्काल इसकी शिकायत करो। जब आप शिकायत करने में देरी करते हो तो तब तक साइबर क्राइम में आपसे लिया गया पैसा क्रिप्टोकरंसी में कन्वर्ट होकर दूसरे देश में जा चुका होता है। ऐसे में इस पैसा की रिकवरी मुश्किल हो जाती है। साइबर क्राइम के लिए 1930 नंबर रखा गया है। जैसे ही आपके साथ कुछ हो तो तत्काल इस नंबर पर फोन लगा दो। गलत सूचना पर फैलाने वाले को भी हम घर पकड़ करते हैं। हर समस्या का भी समाधान होता है, आवश्यकता इस बात की है कि हम सही स्थान पर अप्रोच करें। चीन और अमेरिका के एप का अधिकांश हम उपयोग कर रहे हैं। भारत सरकार यह सारे भारतीय एप के रूप में तैयार करने की कोशिश कर रही है। डिजिटाइजेशन ज्यादा और जल्दी हो गया और डिजिटल लिटरेसी उस समय इतनी नहीं बनी थी। देश में 10 करोड़ से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन होते हैं। इस स्थिति के कारण साइबर क्राइम पर ज्यादा असर पड़ा है। मीडिया ही नहीं हर एजेंसी को अपने विश्वसनीयता बनाकर रखना होगी। ला एण्ड आर्डर के लिए कोई लिमिट को प्राप्त करता है तो उसे पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
पूरे देश के जेन-जी के मुद्दे अलग- अलग है - द्विवेदी

न्यूज़ 18 की एंकर शिवांगी द्विवेदी ने कहा कि जेन-जी खुद मिले जुले है। हर राज्य के अलग है। इनके मुद्दे कामन नहीं है। एक जनरेशन के लिए एक पॉइंट ऑफ व्यू बनाना ठीक नहीं है। हमें आजादी है और खुद को पहचानने का अवसर है। प्रिंट मीडिया आपको बेसिक से काम करना सीखता है। इससे बेस मजबूत होता है। जो सुनो उसका फैक्ट चेक करों। लिखे हुए की वेल्यु ज्यादा होती है। ए आई का खतरा दुनिया को बताने वाला भी एक युवा ही है। जीवन में सीखना समझना बहुत जरुरी है। हमें खुद को अपग्रेड रखना होगा।

अगले 9 साल में 2 लाख करोड़ खर्च करेंगे जेन जी - सिन्हा

पत्रकारिता महोत्सव के दूसरे सत्र के अंतर्गत आयोजित मास्टर क्लास में वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सिन्हा ने कहा कि 28% आबादी जेन जी की है। अगले 9 वर्ष में 50% खर्च में हिस्सेदारी होगी। यह खर्च 2 लाख करोड़ रुपए होगा। इसमें बड़ी राशि उनके द्वारा कर्ज के रूप में ली जाएगी। इसके अलावा माता-पिता की रकम को खर्च किया जाएगा। अखबार और चैनल की खबरों में वे भी रुचि नहीं लेते हैं। म्युचुअल फंड में उनकी हिस्सेदारी 48% है। निवेशक 13 करोड़ में 31% यही वर्ग है। क्रिप्टो करंसी के लिए देश में कोई कानून नहीं है। टैक्स लगा देने से वैधानिक नहीं हो जाता है। वित्त मंत्री ने इससे होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगाया था।

उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में निवेश तो हम करते हैं लेकिन वित्तीय समझ हमारी नहीं है। इकोनॉमिक्स का पर्याप्त अध्ययन नहीं करने के कारण हम वित्तीय साक्षर नहीं बन पाए। चलन के कारण हम आवश्यकता को दर किनार करते हुए खरीदी करते हैं। अर्थशास्त्र की सबसे बड़ी ज्ञाता घर की मां होती है। पत्रकार की जिम्मेदारी लोगों को शिक्षित करना है। उन्हें यह बताना है कि वे पैसा कहां लगाए।