रूस संविधान दिवस के अवसर पर रूसी संविधान को पीतल उकेरा गया*
*रूस संविधान दिवस के अवसर पर रूसी संविधान को पीतल उकेरा गया*
इंदौर। व्लादिमीर पुतिन (राष्ट्रपति, रूसी संघ) के स्वागत में 5/12/25 को संकल्प लिया गया था । कि रूस संविधान को पीतल पर उकेरा जाएगा, जिसके चलते 5/12/25 को रूसी संघ के संविधान की पीतल प्रति का मुख्य पृष्ठ जारी किया गया था, रूस संविधान दिवस के अवसर पर 12/12/25 गुरुवार को रूस संविधान की पहली पीतल प्रति को मल्हारगंज,इंदौर, मध्यप्रदेश,भारत से जारी किया गया।
इसके लिए कुल 110 PLT फाइल तैयार की गई। कुल 56 पीतल पृष्ठों पर बड़ी ही संयमित ढंग से आकार प्रदान किया हैं।
रूसी संघ का संविधान अध्याय 9 (137 अनुच्छेद) को विश्व में पहली बार पीतल पर उकेरा गया ।
रूसी संघ का संविधान चैप्टर के अनुसार चैप्टर 1. कॉन्स्टिट्यूशनल सिस्टम के फंडामेंटल्स (Art. 1-16)
चैप्टर 2. इंसान और नागरिक के अधिकार और आज़ादी (Art. 17-64)चैप्टर 3. फेडरल स्ट्रक्चर (Art. 65-79)चैप्टर 4. रशियन फेडरेशन के प्रेसिडेंट (Art. 80-93) चैप्टर 5. फेडरल असेंबली (Art. 94-109)
चैप्टर 6. रशियन फेडरेशनकी सरकार (Art. 110-117)
चैप्टर 7. ज्यूडिशियल पावर (Art. 118-129)चैप्टर 8. लोकल सेल्फ-गवर्नमें (Art. 130-133) चैप्टर 9. कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट और कॉन्स्टिट्यूशन का रिव्यू (Art. 134-137)
इसको बड़े ही बेहतरीन तरीकों से वेब साइड पर रूसी संघ द्वारा तैयार कर सार्वजनिक किया गया। जिसके स्क्रीन शॉट लेकर 109 पृष्ठों में समाहित किया गया। इसे तैयार करने में 6 घंटे का समय लगा। रूस के संविधान के मुख्य पृष्ठ को सीधा व शेष सभी पृष्ठों को आडा छापा गया हैं।
ये रूस को भारतीयों की ओर से तोहफा और संविधान के प्रति अमर प्रेम को समर्पित एक अमर धरोहर के रूप में मल्हारगंज,इंदौर, मध्यप्रदेश में सदैव देखी जा सकेगी।
भारत और रूस दो जिस्म और एक जान हैं, बेमौल प्रेम की अमर निशानी पुतिन साहब के संघर्ष को सलामी देने हेतु पीतल पर संविधान को उकेरा गया, उसी संविधान ने सदैव भारत का साथ देने के लिए रूस के माननीय शासकों को आगे आने का मौका और रास्ता दिया, इसलिए प्रत्येक भारतवासी रूसी संविधान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हैं।
संपादक एड. लोकेश मंगल



