राजा रघुवंशी मर्डर केस की पूरी कहानी

राजा रघुवंशी मर्डर केस की पूरी कहानी:गूगल मैप से मिला पहला सुराग

राजा रघुवंशी मर्डर केस की पूरी कहानी

राजा रघुवंशी मर्डर केस की पूरी कहानी

इंदौर के नवविवाहित जोड़े, राजा रघुवंशी (29) और सोनम रघुवंशी (24), की मेघालय में हनीमून यात्रा एक त्रासदी में बदल गई, जब राजा की हत्या और सोनम के लापता होने की खबर ने देश भर में सनसनी फैला दी। इस मामले में गूगल मैप्स और एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड की जानकारी ने पुलिस को पहला सुराग दिया, जिसके बाद 17 दिन तक गायब रही सोनम यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली। आइए, इस मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे के रहस्यों को समझते हैं।

मामले की शुरुआत: हनीमून से गायब होना

  • शादी और हनीमून: राजा और सोनम की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में एक पारंपरिक समारोह में हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति से हुई इस शादी के बाद, जोड़ा 20 मई को मेघालय में हनीमून के लिए रवाना हुआ।
  • मेघालय में आगमन: 21 मई को राजा और सोनम शिलांग पहुंचे। उनकी मूल योजना गुवाहाटी में कामाख्या मंदिर जाने की थी, लेकिन सोनम के आग्रह पर योजना बदलकर वे चेरापूंजी (सोहरा) की ओर बढ़े।
  • लापता होने की घटना: 22 मई को, जोड़े ने शिलांग में एक होमस्टे में चेक-इन किया और एक स्कूटर किराए पर लिया। अगले दिन, 23 मई को, वे नोंग्रीट गांव में डबल-डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने गए। उसी दिन सुबह 10 बजे के आसपास, एक स्थानीय टूरिस्ट गाइड, अल्बर्ट पीडी, ने उन्हें तीन अज्ञात पुरुषों के साथ 3,000 सीढ़ियां चढ़ते देखा। यह राजा की आखिरी पुष्टि की गई मौजूदगी थी।

पहला सुराग: गूगल मैप्स और टूरिस्ट गाइड की गवाही

  • परित्यक्त स्कूटर: 24 मई को, सोहरारिम गांव में एक परित्यक्त स्कूटर मिला, जिसे पुलिस ने शिलांग के एक रेंटल फर्म से जोड़ा। यह स्कूटर राजा और सोनम ने किराए पर लिया था।
  • गूगल मैप्स का उपयोग: मेघालय पुलिस ने गूगल मैप्स और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके सोहरा क्षेत्र में जोड़े की अंतिम लोकेशन का पता लगाया। इसने जांच को वेई सॉडॉन्ग फॉल्स के पास की खाई तक ले गया, जहां 2 जून को राजा का क्षत-विक्षत शव मिला।
  • टूरिस्ट गाइड की भूमिका: अल्बर्ट पीडी ने 7 जून को पुलिस को बताया कि उसने 23 मई को राजा और सोनम को तीन हिंदी भाषी पुरुषों के साथ देखा था। यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई, क्योंकि इसने हत्या में अन्य लोगों की संलिप्तता की ओर इशारा किया।
  • शव और सबूत: 2 जून को, पुलिस ने वेई सॉडॉन्ग फॉल्स के पास एक खाई में राजा का शव बरामद किया, जिसमें तेज हथियार से हमले के निशान थे। अगले दिन, एक खून से सना माचेट (हथियार) और एक रेनकोट भी बरामद हुआ, जिसने हत्या की पुष्टि की।

सोनम का मिलना: यूपी के ढाबे पर 17 दिन बाद

  • 17 दिन की तलाश: राजा की हत्या के बाद, सोनम को लापता मानकर मेघालय पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। ड्रोन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों ने सोहरा के जंगली और दुर्गम इलाकों में खोज की।
  • गाजीपुर में पकड़ी गईं: 8 जून की देर रात, सोनम गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में वارانसी-गाजीपुर हाईवे पर काशी ढाबे पर बदहवास हालत में मिलीं। ढाबे के मालिक, साहिल यादव, के अनुसार, सोनम ने रात 1 बजे के आसपास उनके फोन से अपने भाई को कॉल किया और रोने लगीं। इसके बाद, उनके भाई ने पुलिस को सूचित किया, और गाजीपुर पुलिस ने सोनम को हिरासत में लिया।
  • सरेन्डर या गिरफ्तारी?: मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने दबाव में आत्मसमर्पण किया, जबकि यूपी पुलिस का कहना है कि वह बीमार और परेशान हालत में थी। उन्हें पहले गाजीपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, फिर वन स्टॉप सेंटर में रखा गया।

जांच में खुलासा: हत्या की साजिश

  • सोनम की भूमिका: मेघालय पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने तीन किराए के हत्यारों को हायर किया था, जिनमें से दो, विशाल सिंह चौहान और राज कुशवाह, को इंदौर से और एक, आकाश राजपूत, को यूपी के ललितपुर से गिरफ्तार किया गया।
  • प्रेम प्रसंग का कोण: जांच में पता चला कि सोनम का अपने पिता के प्लाइवुड कारखाने में काम करने वाले राज कुशवाह के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस का मानना है कि यह संबंध हत्या का मकसद था। राज कुशवाह को इस साजिश का सह-मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
  • सबूत और स्वीकारोक्ति: तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्हें सोनम ने राजा की हत्या के लिए हायर किया था। पुलिस को यह भी पता चला कि सोनम ने हनीमून के लिए एकतरफा टिकट बुक किया था, जो साजिश की ओर इशारा करता है।

परिवार की प्रतिक्रिया

  • सोनम के पिता का दावा: सोनम के पिता, देवी सिंह, ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया और मेघालय पुलिस पर केस को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की।
  • राजा के परिवार की शंका: राजा की मां, उमा रघुवंशी, ने बताया कि राजा हनीमून के लिए उत्साहित नहीं था, लेकिन सोनम के आग्रह पर गया। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम ने राजा को 10 लाख रुपये की कीमत के गहने पहनने के लिए मजबूर किया था।
  • भाई का बयान: राजा के भाई, विपुल, ने दावा किया कि सोनम और राज कुशवाह अक्सर फोन पर बात करते थे, और हनीमून की योजना में अचानक बदलाव संदिग्ध था।

वर्तमान स्थिति

  • कानूनी प्रक्रिया: सोनम को मेघालय ले जाया गया है, जहां पुलिस क्राइम सीन को रीक्रिएट करने और आगे की पूछताछ करने की योजना बना रही है। चौथे संदिग्ध की तलाश जारी है।
  • सार्वजनिक और मीडिया का ध्यान: इस मामले ने राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं, और इसे "हनीमून मर्डर केस" के नाम से जाना जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और ढाबे के मालिक की गवाही ने इसे और रहस्यमयी बना दिया।

राजा रघुवंशी मर्डर केस एक प्रेम, विश्वासघात, और साजिश की कहानी है, जिसमें गूगल मैप्स और एक टूरिस्ट गाइड की गवाही ने पुलिस को शुरुआती सुराग दिए। 17 दिन बाद सोनम का गाजीपुर के ढाबे पर मिलना और उनकी गिरफ्तारी ने इस मामले को नया मोड़ दिया। हालांकि, सोनम के पिता के दावों और पुलिस की जांच के बीच विरोधाभास बने हुए हैं, और इस रहस्य की पूरी सच्चाई सामने आने में अभी समय लग सकता है।