साड़ी में रैम्प वॉक कर महिलाओं ने दिया संस्कृति सहेजने का संदेश, नशे के खिलाफ ली शपथ
साड़ी में रैम्प वॉक कर महिलाओं ने दिया संस्कृति सहेजने का संदेश, नशे के खिलाफ ली शपथ
इंदौर: शहर में आयोजित एक विशेष महिला जागरूकता कार्यक्रम में इंदौर ही नहीं, बल्कि देवास और ब्यावरा से भी आई महिलाओं की टोली ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर महिलाओं ने भारतीय संस्कृति के पर्याय 'साड़ी' में शानदार रैम्प वॉक किया और साथ ही नशा मुक्ति व ब्रेस्ट कैंसर से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माधवी आनंद उपस्थित थीं। वहीं विशेष अतिथि के रूप में अर्चना जायसवाल, डॉ. विनीता कोठारी, डॉ. रजनी भंडारी और एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने शिरकत की।
भारतीय संस्कृति का पर्याय 'साड़ी' और रैम्प वॉक
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण महिलाओं द्वारा किया गया रैम्प वॉक रहा। भारतीय संस्कृति के प्रतीक मानी जाने वाली पारंपरिक साड़ी पहनकर जब महिलाओं ने रैम्प पर कदम रखा, तो उन्होंने अपनी परंपरा और आत्मविश्वास दोनों का शानदार प्रदर्शन किया।
इस मौके पर विशेष अतिथि अर्चना जायसवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन लगातार होने चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
"हमें अपनी भारतीय संस्कृति और परिधानों को सहेजने के साथ-साथ अपने बेहतर स्वास्थ्य और नशे के खिलाफ भी मजबूती से लड़ाई लड़नी है।"
महिलाओं ने ली नशा मुक्ति की शपथ
आयोजन के दौरान एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने उपस्थित सभी महिलाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने समाज में बढ़ती नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज नशा सिर्फ युवा पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि पूरे घर-परिवार और समाज को खोखला कर रहा है।
वहीं, मुख्य अतिथि माधवी आनंद ने महिलाओं में जोश भरते हुए कहा कि महिलाएं केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का आधार स्तंभ हैं।
"यदि एक महिला सजग रहेगी, तो पूरा परिवार सजग होगा। महिलाएं अगर ठान लें, तो वे नशे के खिलाफ एक बड़ा और सफल आंदोलन खड़ा कर सकती हैं।"
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव पर हुआ मार्गदर्शन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा की गई। इस मौके पर डॉ. विनीत भंडारी और अष्टांग कॉलेज के सीनियर प्राध्यापक डॉ. अखिलेश भार्गव ने महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के तरीकों से अवगत कराया। दोनों चिकित्सकों ने बताया कि कैसे थोड़ी सी जागरूकता, सही जानकारी और समय रहते जांच करवाकर इस गंभीर बीमारी को आसानी से रोका जा सकता है।


