डायमंड और फूलों की आंगी से सजे मनमोहन पार्श्वनाथ

डायमंड और फूलों की आंगी से सजे मनमोहन पार्श्वनाथ
डायमंड और फूलों की आंगी से सजे मनमोहन पार्श्वनाथ, गौतम स्वामी और गुरु देव राजेंद्र सूरी जी का सोने के वर्क से श्रृंगार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

पर्युषण पर्व पर रेसकोर्स रोड स्थित मंदिर में सुबह से देर रात तक धर्म आराधना और भक्ति का दौर

 केसर की प्रभावना का वितरण, दीपोत्सव से जग मंदिर परिसर

इंदौर। पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर रेसकोर्स रोड स्थित भगवान मनमोहन पार्श्वनाथ मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण बना हुआ है। भगवान मनमोहन पार्श्वनाथ की स्वर्ण, डायमंड और आकर्षक फूलों से की गई मनमोहक आंगी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दर्शन-पूजन के लिए सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा है। इंदौर सहित मालवा अंचल के हजारों समाजजन पर्व की आराधना में सहभागी बन रहे हैं।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जयसिंह जैन और शैलेश अम्बोर ने बताया मंदिर में भगवान मनमोहन पार्श्वनाथ की आकर्षक अंगरचना के साथ गुरुदेव राजेंद्र सूरीजी एवं गौतम स्वामीजी की प्रतिमाओं को भी स्वर्ण आंगी और नाग-नगीनों से सजाया गया है। बुधवार को स्नात्र पूजन के बाद श्रद्धालुओं को केसर की प्रभावना वितरित की गई। दोपहर में मंदिर दरबार को विदेशी फूलों से सजाया गया, वहीं शाम को दीपोत्सव से पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा। इसके बाद भक्तांबर ग्रुप ने देर रात तक संगीतमय भक्ति की प्रस्तुति दी, जिसका समापन महाआरती के साथ हुआ। नीलेश कपड़िया ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। गुरुवार को अहमदाबाद और मुंबई के कलाकारों द्वारा विशेष पुष्प सज्जा और प्रतिमाओं का श्रृंगार किया जाएगा। शाम को दीपोत्सव के साथ भक्ति संध्या भी होगी।आयोजन में ट्रस्टी धनराज संघवी, अशोक कपाड़िया, राजेंद्र सुराणा, आनंदीलाल अंबोर, सौरभ नाना सेठ, स्नेहल शाह, सागरमल नागोरी और शरद कोठारी सहित अनेक समाजजन सपरिवार उपस्थित रहे

11 सितंबर को होगी विशाल भक्ति संध्या

पर्युषण पर्व के तहत 11 सितंबर को अभय प्रशाल में ‘अंतरनाद ’ विशाल भक्ति संध्या आयोजित होगी। इसमें देश के ख्यात कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर में 15 सितंबर तक प्रतिदिन पूजन, दर्शन, शाम क़ो भक्ति और दीपोत्सव का क्रम जारी रहेगा। 16 सितंबर को सामूहिक क्षमावाणी पर्व के साथ आयोजनों का समापन होगा।