रेसकोर्स रोड मंदिर में पर्यूषण पर्व की धूम

रेसकोर्स रोड मंदिर में पर्यूषण पर्व की धूम
रेसकोर्स रोड मंदिर में पर्यूषण पर्व की धूम:  प्रभु मनमोहन पार्श्वनाथ एवं प्रतिमाओ का रजत श्रृंगार, बुधवार क़ो सजेगा स्वर्ण वर्क

मालवांचलभर से जुटेंगे हजारों श्वेतांबर जैन श्रद्धालु; विदेशी फूलों और सैकड़ों दीपों की रोशनी से दमका मंदिर परिसर, केसर चंदन की महक से परिसर खुशनुमा माहौल से महक उठा
12 सितंबर को महावीर जन्म वाचन उत्सव, 15 को संवत्सरी और 16 सितंबर को क्षमावाणी पर्व

इंदौर। रेसकोर्स रोड स्थित श्री मनमोहन पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में मंगलवार से आठ दिवसीय पर्यूषण महापर्व की शुरुआत भक्ति और उल्लास के साथ हुई, सुबह से रात तक भक्ति उल्लास और आनंद का माहौल बना रहा। 8 से 15 सितंबर तक चलने वाले पर्व के पहले दिन सुबह 1100 से अधिक श्रद्धालुओं ने केसर-चंदन से भगवान का पूजन-अभिषेक किया। इसके बाद भगवान मनमोहन पार्श्वनाथ का आकर्षक रजत श्रृंगार किया गया, केसर चंदन की महक से परिसर महक रहा था, बुधवार को भगवान की प्रतिमा पर शुद्ध सोने के वर्क से विशेष अंगरचना कर स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा, शाम को भक्ति का आयोजन होगा फिर महा आरती होगी.

 मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जय सिंह जैन और शैलेश अम्बोर ने बताया कि पर्व के दौरान मालवांचल के धार, राजगढ़, झाबुआ, मोहनखेड़ा, कुक्षी सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्वेतांबर जैन श्रद्धालुओं के इंदौर पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, आराधना और धार्मिक आयोजन होंगे।

विदेशी फूलों से सजा मंदिर, सैकड़ों दीपों से जगमगाया परिसर

मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जय सिंह जैन अहमदाबाद और मुंबई के कारीगरों ने मंदिर परिसर को विदेशी फूलों से आकर्षक रूप से सजाया है। सैकड़ों दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और केसर-चंदन की सुगंध से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के लिए 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की टीम तैनात की गई है।

12 सितंबर को महावीर जन्म वाचन का मुख्य उत्सव

पर्यूषण पर्व के तहत 9 सितंबर को भक्तामर ग्रुप द्वारा संगीतमय भक्ति संध्या आयोजित होगी। 11 सितंबर को अभय प्रशाल में पिंटू स्वामी की संगीतमय भजन संध्या होगी। 12 सितंबर को भगवान महावीर जन्म वाचन दिवस का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बाल स्वरूप की झांकियां, महाआरती, पालना उत्सव और लड्डू प्रभावना प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

15 सितंबर को संवत्सरी पर्व पर सामूहिक प्रतिक्रमण होगा, जबकि 16 सितंबर को क्षमावाणी पर्व पर समाजजन एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कड़म’ कहकर सामूहिक रूप से क्षमायाचना करेंगे।

13 परिवारों से शुरू हुआ सफर, अब भव्य स्वरूप

श्री मनमोहन पार्श्वनाथ मंदिर की करीब पांच दशक पुरानी आस्था का सफर 13 परिवारों से शुरू हुआ था। वर्ष 2023 में मंदिर का पुनरुद्धार कर गुजरात और राजस्थान की पारंपरिक स्थापत्य शैली में भव्य स्वरूप दिया गया। मंदिर से जुड़े आयोजनों में पिछले वर्ष 30 हजार वर्गफुट के पंडाल में हजारों समाजजनों को चांदी की थाली में भोजन कराने का आयोजन भी हुआ था, जिसे ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया।