मध्यप्रदेश आइए, यहाँ की लोककला, लोकनृत्य और संस्कृति के रंगों को करीब से देखिए - अंतिम बाला पाटीदार

मध्यप्रदेश आइए, यहाँ की लोककला, लोकनृत्य और संस्कृति के रंगों को करीब से देखिए - अंतिम बाला पाटीदार

इंदौर,


लोक धरोहर एवं सांस्कृतिक कलाकार, श्रीमती अंतिम बाला पाटीदार

मध्यप्रदेश की लोकभाषा और संस्कृति से जुड़ा “जब ज़िद पे आ गई पार्वती” बुंदेली गीत आज लोगों के बीच अपनी खास पहचान बना रहा है। एक लोकधरोहर कलाकार के रूप में मुझे यह देखकर बेहद खुशी और गर्व है कि हमारे प्रदेश के लोक रंग बड़े मंच तक पहुँच रहे हैं। मैं बॉलीवुड के सभी महान कलाकारों से दिल से निवेदन करती हूँ—एक बार मध्यप्रदेश आइए, यहाँ की लोककला, लोकनृत्य और संस्कृति के रंगों को करीब से देखिए और इन्हें बड़े पर्दे पर दुनिया तक पहुँचाइए।

साथ ही सभी स्कूलों से मेरा आग्रह है कि मध्यप्रदेश को मंच पर प्रस्तुत करते समय हमारी संस्कृति को पूरी प्रामाणिकता और गर्व के साथ प्रस्तुत करें।

मैं मालवा की बेटी हूँ और अपनी संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुँचाना मेरा गर्व भी है और मेरा संकल्प