कविताओं की मूसलाधार बारिश में जाल सभागृह डूब गया ....
कविताओं की मूसलाधार बारिश में जाल सभागृह डूब गया ....
इंदौर..।जैन सोशल ग्रुप मेन द्वारा जाल सभागृह में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ. कवियों की कविताओं की मूसलाधार बारिश से श्रोतागण तर बतर हो गए. श्रोताओं की प्रतिक्रिया रही कि लम्बे अंतराल के बाद सार्थक, स्तरीय और स्वस्थ मनोरंजन से लबरेज कवि सम्मेलन सुनने को मिला. सूत्रधार अंतरराष्ट्रीय कवि प्रोफेसर राजीव शर्मा की माँ कविता के हर बंद पर सतत तालियां बजती रहीं. प्रोफेसर राजीव ने कविता पेश की - आओ की आज एक काम करते हैं, सारी खुशियाँ माँ के नाम करते हैं, माँ के कदमों को देखा तो पाया, यहां तो परिक्रमा चारों धाम करते हैं. कुलदीप रंगीला की ये पंक्तियाँ सराही गई... हर नेता ने अपना यहां माहौल बनाया,जनता को मुक्का मार बोली बोल बनाया,
एक वे थे यहां आलू से जो सोना बनाते,एक ये हैं जिनने गन्ने से पेट्रोल बनाया .कमलेश्वर सहज की इन पंक्तियों को श्रोताओं की सराहना का अच्छा प्रतिसाद मिला... जिनका चरणामृत भी गंगा का नीर है, जहाँ झुक जाते राजा महाराजा के सिर हैं, जिनने युद्ध नहीं दिलों को जीता है, उस परमेश्वर का नाम महावीर है.... प्रारम्भ में श्री राजेंद्र जैन संचेती ने कवियों का स्वागत किया. ग्रुप के अध्यक्ष शैलेश सपना वेद,सचिव हेमलता अजमेरा,
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक राजेंद्र सुनीता संचेती एवं अनिल नेहा चेलावत ने उपस्थित रहकर सभी 150 सदस्यों के साथ हास्य का भरपूर आनंद लिया


