शहनाई एवं वैदिक मंत्रोच्चार की मंगल ध्वनि के बीच 22दूल्हों ने मारे तोरण-आठवां फेरा लिया स्वच्छता के लिए

शहनाई एवं वैदिक मंत्रोच्चार की मंगल ध्वनि के बीच 22दूल्हों ने मारे तोरण-आठवां फेरा लिया स्वच्छता के लिए

शहनाई एवं वैदिक मंत्रोच्चार की मंगल ध्वनि के बीच 22दूल्हों ने मारे तोरण-आठवां फेरा लिया स्वच्छता के लिए

अग्रवाल समाज की पहल पर जरूरतमंद परिवारों के 22 युगलों को उपहारों सहित दी गई विदाई – निकली सामूहिक शोभायात्रा

 इंदौर  राजीव गांधी चौराहा स्थित शुभकारज गार्डन पर दिन भर 22 युगलों के सामूहिक विवाह का जश्न चलता रहा । मालवांचल के विभिन्न जिलों एवं कस्बों से आए इन युगलों ने सांझ ढलते ही जब क्रमवार खड़े होकर एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और इसके पहले जब दूल्हों ने तोरण मारे तो समूचा विवाह स्थल शहनाई, वैदिक मंत्रों और बैंड-बाजों की सुर लहरियों से गूंज उठा।
 इंदौर महानगर अग्रवाल समाज की मेजबानी में विभिन्न समाजों के 22 युगलों के सामूहिक विवाह का यह संकल्प साकार होते देखने के लिए बड़ी संख्या में अग्रवाल एवं वैश्य समाज के बंधु उपस्थित थे। नवयुगलों ने आचार्य पं. संतोष शास्त्री के निर्देशन में सात की जगह आठ फेरे लेकर अपने इंदौर शहर को आठवीं बार भी स्वच्छता में अव्वल बनाने और अपने-अपने गांवों-कस्बों को भी साफ-सुथरा रखने की शपथ ली। इंदौर महानगर अग्रवाल समाज के तत्वावधान में 22 युगलों के सामूहिक विवाह की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थी। सुबह गणेश पूजा, चाक-भात, सगाई, साकड़ी राखी एवं अन्य परंपराओं का निर्वाह करने के बाद संध्या को 22 घोड़ियों पर दूल्हे एवं 8 बग्घियों में दुल्हनों की शोभायात्रा निकाली गई। बैंडबाजों की सुर लहरियों के बीच दूल्हा-दुल्हन के रिश्तेदारों ने नाचते-गाते हुए इस विवाह का जश्न मनाया। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सड़क के एक ओर विवाह स्थल से राजीव गांधी चौराहा स्थित शिव मंदिर तक कार्यकर्ताओं के निर्देशन में शोभायात्रा निकाली गई।
 आयोजन समिति की ओर से संयोजक राजेश कुंजीलाल गोयल, नंदकिशोर कंदोई एवं रमेश गुप्ता पीठेवाले ने बताया कि बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने व्यवस्थाएं संभाली और मेहमानों की अगवानी की। शोभायात्रा के विवाह स्थल पहुंचने के बाद 22 तोरण, 22 लग्नवेदी, 22 मंडप एवं 22 पंडितों की व्यवस्था के अनुरूप दूल्हों ने सबसे पहले तोरण मारे, फिर गोधूलि बेला में विद्वान पंडितों ने अग्नि की साक्षी में वैदिक पद्धति से मंत्रोच्चारण कर सात फेरे संपन्न कराए। आठवां फेरा सामाजिक सरोकार के लिए भी लिया गया। मेहमानों के लिए चाय, नाश्ते, भोजन एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था सुबह से ही विवाह स्थल पर की गई थी। इस अवसर पर समाजसेवी पीयूष-निधि गोयल एवं सुनील-डॉ. दिव्या गुप्ता के विशेष आतिथ्य में महानगर अग्रवाल समाज द्वारा  वैश्य समाज के युगलों की संस्था ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ का शुभारंभ भी किया गया।  नवयुगलों को आशीर्वाद समारोह में सुरेश-संध्या गुप्ता, गोविंद मंगल मंगलश्री, रामनारायण अग्रवाल, महेश मित्तल, गयाप्रसाद तायल, मनीष खजांची, प्रेमसुख गोयल, रामनारायण मोडीलाल अग्रवाल, अशोक किशनलाल ऐरन, अविनाश अग्रवाल ओएस्टर, विनोद सिंघानिया, रामगोपाल बंसल, मोहन रामचंद्र अग्रवाल, महेश अग्रवाल निरमा, रामबाबू अग्रवाल नेताजी एवं नंदकिशोर अग्रवाल के सौजन्य से गृहस्थी चलाने योग्य उपहार भी विदाई बेला में भेंट किए  गए। आशीर्वाद समारोह में अतिथि के रूप में समाजसेवी विनोद अग्रवाल, दिनेश मित्तल, प्रेमचंद गोयल,  रामदास गोयल, पवन सिंघानिया, टीकमचंद गर्ग, श्रीमती नीति –पुनीत अग्रवाल, विष्णु बिंदल, अरविंद बागड़ी एवं जगदीश बाबाश्री, हरि अग्रवाल ने भी उपस्थित रहकर नवयुगलों को शुभाशीष प्रदान किए। कार्यक्रम के सूत्रधार राजेश कुंजीलाल गोयल ने बताया कि वरिष्ठ समाजसेवी ब्रह्मलीन कुंजीलाल गोयल एवं स्व. रमेशचंद्र अग्रवाल ने बरसों पहले कन्यादान-महादान का आव्हान किया था। उनकी भावनाओं के अनुरूप सभी समाजों की बेटियों के हाथ पीले कराने के उद्देश्य से इंदौर महानगर अग्रवाल समाज के आव्हान पर शहर के प्रमुख समाजसेवी बंधुओं ने इस सामाजिक क्रांति के शंखनाद में भागीदार बनकर समाज की ओर से एक अनुकरणीय शुरुआत की है। समाजसेवी एवं वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल की प्रेरणा से यह समूचा आयोजन सौल्लास संपन्न हुआ। संध्या को सभी युगलों को गृहस्थी चलाने योग्य उपहारों सहित विदाई दी गई। मेहमानों ने भी अपने स्तर पर नवयुगलों को बधाई देकर अनेक उपहार सौंपे। आशीर्वाद समारोह में शहर के अनेक राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी और विशिष्टजन उपस्थित थे।