पारंपरिक संस्कृति और गरबा की उमंग के साथ संपन्न हुआ इंदौर का पहला 10 दिवसीय गरबा महोत्सव ‘ढोली तारा 5.0’

पारंपरिक संस्कृति और गरबा की उमंग के साथ संपन्न हुआ इंदौर का पहला 10 दिवसीय गरबा महोत्सव ‘ढोली तारा 5.0’

पारंपरिक संस्कृति और गरबा की उमंग के साथ संपन्न हुआ इंदौर का पहला 10 दिवसीय गरबा महोत्सव ‘ढोली तारा 5.0’

पारंपरिक संस्कृति और गरबा की उमंग के साथ संपन्न हुआ इंदौर का पहला 10 दिवसीय गरबा महोत्सव ‘ढोली तारा 5.0’

बी3 और डब्ल्यूआईसी के आयोजन में 10 दिनों तक गरबा प्रेमियों ने पारंपरिक गुजराती लोक संस्कृति और संगीत का लिया आनंद

इंदौर। पारंपरिक गुजराती लोक संस्कृति, संगीत और गरबा की उमंग के साथ आयोजित ‘ढोली तारा 5.0’ का 10 दिवसीय गरबा महोत्सव 20 अक्टूबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एसेंशिया लग्जरी होटल, इंदौर में 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित इस महोत्सव में गरबा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दस दिनों तक चले इस आयोजन में पारंपरिक गरबा, रंग-बिरंगे परिधान और सांस्कृतिक उत्सव का माहौल आकर्षण का केंद्र रहा।

बी3 और डब्ल्यूआईसी द्वारा आयोजित ‘ढोली तारा 5.0’ ने इंदौर में पारंपरिक गुजराती लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करने और लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया। आयोजन का उद्देश्य गरबा की पारंपरिक शैली, लोक संगीत और सामूहिक उत्सव की भावना को आगे बढ़ाना रहा।

इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजक हितेश छाछेड़, आशुतोष पटेल, ध्रुवम शर्मा, सुमित नागदा और राज नागदा** की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने दस दिनों तक आयोजन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने और गरबा प्रेमियों को बेहतर अनुभव देने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पार्किंग से लेकर प्रवेश द्वार तक व्यवस्थाएं की गईं। महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रखी गई। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश व्यवस्था सख्त रही तथा नशे की हालत में पहुंचे एक व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया।

पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा की लय पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया और भारतीय लोक संस्कृति का आनंद लिया। आयोजन में सुरक्षा, सुविधाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

दस दिनों तक चले इस महोत्सव का समापन उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुआ। ‘ढोली तारा 5.0’ ने गरबा के माध्यम से लोगों को एक साथ जोड़ने और नई पीढ़ी को पारंपरिक गुजराती लोक संस्कृति से परिचित कराने की दिशा में एक सकारात्मक पहल प्रस्तुत की। बी3 और डब्ल्यूआईसी के आयोजकों ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।