महारास गरबा में भारतीय संस्कृति,पारंपरिक गरबा गीतों की धुन पर आकर्षक प्रस्तुतियां
महारास गरबा में भारतीय संस्कृति,पारंपरिक गरबा गीतों की धुन पर आकर्षक प्रस्तुतियां
मालवांचल यूनिवर्सिटी में महारास गरबा की धूम, विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और परिजनों ने भी लिया हिस्सा
इंदौर। मालवांचल यूनिवर्सिटी में महारास गरबा का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। इंडेक्स समूह के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के परिजनों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और संगीत की प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक पेश की। पूरे आयोजन के दौरान उत्सवी माहौल बना रहा और प्रतिभागियों ने गरबा की धुनों पर कदमताल कर कार्यक्रम को यादगार बनाया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता से जोड़ना रहा। महारास गरबा में विद्यार्थियों ने पारंपरिक गरबा गीतों की धुन पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने अपनी कला, ऊर्जा और उत्साह से उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शिक्षकों और परिजनों की सहभागिता ने आयोजन को पारिवारिक और सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लेते हुए अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और परिजनों की भागीदारी ने आपसी जुड़ाव और सामूहिकता की भावना को मजबूत किया।मयंक वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया,वाइस चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया,मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलति डॅा.संजीव नारंग के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महारास गरबा के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र सिंह, प्राचार्य डॉ. अजय मिश्रा, डीन लॉ डॉ. एसके निराला, शिवम सिंह राजावत, डब्ल्यू. सिंह, डॉ. शिवम कुमार वर्मा और डॉ. अजय गौड़ सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। महारास गरबा का आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और परिजनों के लिए संस्कृति, संगीत और उत्सव से जुड़ने का अवसर बना। कार्यक्रम में सभी की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया।


