नवरात्रि विशेष: व्रत-उपहार में शुद्धता और पोषण का महत्व; साबु ट्रेड ने प्रस्तुत किए एगमार्क प्रमाणित उत्पाद और नया ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’
नवरात्रि विशेष: व्रत-उपहार में शुद्धता और पोषण का महत्व; साबु ट्रेड ने प्रस्तुत किए एगमार्क प्रमाणित उत्पाद और नया ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’
सेलम / इंदौर । शारदीय नवरात्रि एवं आगामी त्योहारों के पावन अवसर पर देशभर के बाजारों में व्रत-उपवास से जुड़ी खाद्य सामग्रियों की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है। साबूदाना, मोरधन (मिलेट्स), मखाना और फरियाली आटा सात्विक उत्पादों की बढ़ती खरीदारी के बीच आज के जागरूक उपभोक्ता शुद्धता, गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की प्रामाणिकता को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं।
इस अवसर पर, साबूदाना प्रसंस्करण एवं निर्माण में चार दशकों से अधिक का विश्वसनीय अनुभव रखने वाली तथा भारत में सर्वप्रथम ‘एगमार्क’ (Agmark) प्रमाणित साबूदाना पैक करने वाली अग्रणी कंपनी—‘साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड’ ने उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों के चयन के प्रति जागरूक किया है।
कंपनी अपने प्रतिष्ठित और पंजीकृत ब्रांडों जैसे 'सच्चासाबु', 'चक्र', 'अल्पाहार' और 'कुकरीजॉकी' के अंतर्गत प्रीमियम क्वालिटी साबूदाना, मोरधन (श्रीअन्न/मिलेट्स), हल्दी पाउडर, साबूदाना पापड़, मखाना, फरियाली आटा व नवीनतम उत्पाद "न्यूट्रीदाना" आदि, देशभर के वितरकों के माध्यम से सुधी उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: भ्रामक दावों और निम्न गुणवत्ता से रहें सावधान
खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के विश्वास पर जोर देते हुए कंपनी के संस्थापक चेयरमैन श्री गोपाल जी साबु ने कहा:
"पारंपरिक खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता केवल बाहरी दिखावे पर नहीं, बल्कि कच्चे माल के सही चयन, वैज्ञानिक निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी विशेषज्ञता और निरंतर कड़े गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) पर निर्भर करती है। आज बाजार में भ्रामक विज्ञापनों की आड़ में कम गुणवत्ता वाले उत्पाद और सही उत्पादों में चुनना उपभोक्ता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।"
उन्होंने उपभोक्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि केवल तैयार माल खरीदकर रीपैकिंग करने वाले कई उत्पादकों के पास प्रामाणिक परीक्षण और स्रोत की पारदर्शिता का अभाव होता है। रीपैकिंग गलत नहीं है, परंतु गुणवत्ता की जवाबदेही रीपैकर और विज्ञापनदाता की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
साबूदाना खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान:
चिपचिपापन व कड़ापन: यदि साबूदाने की खिचड़ी अत्यधिक चिपचिपी बने, दाने सही से न फूलें या पकाने के बाद भी अंदर से कड़े रह जाएं, तो यह केवल पकाने की कमी नहीं बल्कि निम्न गुणवत्ता अथवा गलत प्रसंस्करण का परिणाम हो सकता है।
रासायनिक गंध से दूरी: भिगोते समय यदि किसी उत्पाद से असामान्य या रासायनिक गंध (Chemical Odor) महसूस हो, तो उसका सेवन तुरंत बंद करें ।
लेबल की सही जांच: पैकेज पर निर्माता का नाम, पैकिंग विवरण, बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि और सरकारी गुणवत्ता प्रमाणन (जैसे एगमार्क) अवश्य जांचें।
साबु ने दोहराया कि ‘सच्चासाबु’ की पहचान दशकों से भारत सरकार के ‘एगमार्क’ प्रमाणन से जुड़ी है, जहां उत्पाद खेत, कारखाने से बहुस्तरीय गुणवत्ता परीक्षणों से गुजर कर उपभोक्ता की रसोई तक पहुंचते हैं।
"सच्चामोती" की ऐतिहासिक विरासत और ट्रेडमार्क विवाद पर कंपनी ने स्पष्ट किया अपना पक्ष :
बाजार में उपभोक्ताओं के बीच शुद्धता एवं ब्रांड की प्रामाणिकता को लेकर किसी भी प्रकार के संशय को दूर करते हुए कंपनी ने स्थिति स्पष्ट की है:
कंपनी के चेयरमैन गोपाल साबु ने बताया कि सच्चामोती ट्रेडमार्क से संबंधित विवाद वर्ष 2016 से माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।
उन्होंने कहा, “साबु ट्रेड का सच्चामोती ब्रांड से संबंध वर्ष 1984 से रहा है। हमारे अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 1993 से एगमार्क प्रमाणन व्यवस्था के अंतर्गत सच्चामोती साबूदाना का निर्माण एवं विपणन सर्वप्रथम साबु ट्रेडर्स, सेलम (प्रोपराइटरशिप फर्म) व वर्ष 1996 से साबु ट्रेड, सेलम (प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी) द्वारा किया जाता रहा था और देशभर में हमारे अधिकृत वितरकों के माध्यम से यह उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाता रहा था। इसी निरंतर निर्माण अनुभव, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और उपभोक्ताओं के विश्वास से सच्चामोती ने अपनी गुणवत्ता की विशेष पहचान बनाई।”
साबु ने आगे बताया कि वर्ष 2015-16 में कंपनी के तत्कालीन इंदौर के अधिकृत वितरक के साथ ट्रेडमार्क के अधिकारों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके संबंध में उपरोक्त न्यायिक कार्यवाही जारी है।
उन्होंने कहा, “विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू सच्चामोती ब्रांड के ऐतिहासिक उपयोग, निर्माण एवं वितरण व्यवस्था तथा उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का है। हमारा पक्ष है कि इस ब्रांड की पहचान स्थापित करने में साबु ट्रेड की दशकों की दृढ़ नीतियों, अनुशासित निर्माण गतिविधियों और अधिकृत वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन तथ्यों और संबंधित दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि माननीय न्यायालय के प्रभावी अंतरिम आदेशों का पालन करते हुए साबु ट्रेड वर्तमान में सच्चामोती ट्रेडमार्क के अंतर्गत अपने उत्पादों का निर्माण, पैकिंग, वितरण एवं विपणन नहीं कर रही है। हालाँकि कंपनी अपने अन्य प्रतिष्ठित ब्रांडों सच्चासाबु, चक्र, अल्पाहार और कुकरी जॉकी के माध्यम से साबूदाना एवं विभिन्न खाद्य उत्पादों का निर्माण और विपणन जारी रखे हुए है। ये उत्पाद कंपनी की निर्धारित गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था के अंतर्गत देशभर में अधिकृत वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुँचाए जा रहे हैं।
गोपाल साबु ने कहा, “हमें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है। हमें आशा है कि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत ऐतिहासिक अभिलेखों, निर्माण संबंधी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर सच्चामोती ट्रेडमार्क के अधिकारों से जुड़े सभी प्रश्नों का न्यायसंगत निराकरण होगा।”
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि जब तक विवाद का अंतिम न्यायिक निराकरण नहीं हो जाता, तब तक वे खाद्य उत्पाद खरीदते समय वास्तविक निर्माता एवं पैकर का नाम, निर्माण स्थल, एगमार्क प्रमाणन संबंधी विवरण (जहाँ लागू हो), बैच नंबर और अन्य वैधानिक जानकारी अवश्य देखें।
“हमारा उद्देश्य किसी के प्रति भ्रम उत्पन्न करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक करना है। ब्रांड के नाम के साथ-साथ उत्पाद का वास्तविक निर्माता, उसकी गुणवत्ता और उसकी जवाबदेही भी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होनी चाहिए।”
नवाचार और पोषण का संगम: ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’ को मिला उपभोक्ताओं का अपार स्नेह
बदलती जीवनशैली और पोषण की आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, साबु ट्रेड,सेलम द्वारा हाल ही में प्रस्तुत अभिनव उत्पाद ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’ ने बाजार में आते ही उपभोक्ताओं का दिल जीत लिया है। लॉन्च के पहले ही माह में विभिन्न प्रमुख बाजारों से इसके लगातार रिपीट ऑर्डर्स प्राप्त हो रहे हैं।
कम्पनी के प्रबंध निदेशक (MD) श्री विकास साबु ने बताया:
"न्यूट्रीदाना को कसावा कंद और चुनिंदा श्रीधान्य (मिलेट्स) के अनूठे संयोजन से गहन अनुसंधान के बाद तैयार किया गया है। यह पारंपरिक व्रत आहार में आधुनिक पोषण का एक क्रांतिकारी विकल्प है। इसकी अभिनव निर्माण प्रक्रिया को पेटेंट संरक्षण की दिशा में भी आगे बढ़ाया गया है। उपभोक्ताओं द्वारा इसके विशिष्ट स्वाद, आसान पकाने की विधि और पौष्टिकता को सराहा जाना हमारे लिए अत्यंत उत्साहजनक है।"
इस नवरात्रि अपनाएं शुद्धता, स्वाद और उत्तम स्वास्थ्य
साबु ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड सभी उपभोक्ताओं से अपील करती है कि वे इस नवरात्रि पारंपरिक व्यंजनों में पौष्टिकता और नया स्वाद जोड़ें। ‘सच्चासाबु न्यूट्रीदाना’ से खिली-खिली खिचड़ी, स्वादिष्ट खीर व अन्य फरियाली पकवान सरलता से बनाए जा सकते हैं।
कंपनी अपने सभी सुधि ग्राहकों को आमंत्रित करती है कि वे अपने नजदीकी स्टोर से साबु ट्रेड के शुद्ध, सुरक्षित व एगमार्क प्रमाणित उत्पादों को अपने घर लाएं और अपने परिवार को दें स्वास्थ्य और स्वाद का सच्चा उपहार।


