माही तीर्थ क्षेत्र में सुदूर वनवासी महिलाओं की हो रही समस्त मनोकामनाएं पूर्ण। धर्मेंद्र श्रीवास्तव,
माँ माही कर रही मान मन्नत पूरी......
सुदूर आंचलिक वनवासी क्षेत्र से आ रही महिलाएं,
प्रातः 9:00 बजे से ही लग जाता है श्रद्धालु महिलाओं का ताता,
माही घाट पर श्रीफल का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने बताया कि लगभग तीन से पांच थैले श्रीफल के बिक्री हो जाते हैं प्रतिदिन,
महिलाएं अपनी मन्नत का धागा माँ माही के मंदिर के मुख्य द्वार पर बांधती है,
एवं श्रीफल भेंट करती है,
सिद्ध क्षेत्र सरदारपुर महीसागर क्षेत्र में हो रही उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण,
इंडियन न्यूज़ अड्डा जिला ब्यूरो चीफ धार,
धर्मेंद्र श्रीवास्तव की धार्मिक रिपोर्ट-: सैकड़ो की संख्या में धार झाबुआ अलीराजपुर जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से आ रही वनवासी महिलाएं,
हमारे संवाददाता ने माही तट पर जब इन महिलाओ से बात की तो श्रद्धालु महिला भक्तों ने बताया कि, अपने बच्चों के स्वास्थ्य बुद्धि एवं रक्षा और उनके वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए ली गई मान मन्नतो को लेकर की जा रही पूजा एवं उपवास को माँ माही स्वीकार कर रही है, और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो रही है इसी कड़ी में महिलाओं ने बात करते हुए बताया कि यदि किसी महिला के दो लड़के हैं तो उन्हें दो उपवास रखना है एवं दो बार पूजा करना है और एक उपवास माँ माही के लिए रखना है कुल तीन उपवास का संकल्प करके फिर यह पूजा दूसरी महिलाओं को देना है,
इसी प्रकार किसी महिला के यदि एक कन्या संतान है तो एक उपवास उस कन्या के लिए करना है और एक माही माता के लिए करना है, इस प्रक्रिया में महिलाएं दूर दराज क्षेत्र से माही में आकर स्नान करती है, और घाट पर स्थित माही माता के मंदिर पर पूजन अर्चन करके श्रीफल भेंट करती है, और मन्नत का धागा मां के द्वार पर बांधती है और प्रसाद वितरण करके पुण्य सलीला माही के जल को ले जाकर अपने निवास स्थान के समीप स्थित माताजी मंदिर पर जाकर जल अर्पण करती है, संवाद के दौरान इन महिलाओं ने बताया कि हम पिछले कई वर्षों से आ रही है,
और हम सभी की मनोकामनाएं माताजी पूर्ण कर रही है।
श्रद्धा और विश्वास के साथ हो रही सारी मनोकामनाएं पूर्ण।


