ढोली तारा 5.0 में रोशनी से जगमगाती पारंपरिक पोशाक बनी आकर्षण का केंद्र
ढोली तारा 5.0 में रोशनी से जगमगाती पारंपरिक पोशाक बनी आकर्षण का केंद्र
कपड़ों पर लगी LED लाइट्स और रंगीन गुजराती कारीगरी ने गरबा के पारंपरिक अंदाज में जोड़ा आधुनिकता का अनूठा तड़का
इंदौर। नवरात्रि के रंग में रंगे इंदौर में ‘ढोली तारा 5.0’ गरबा उत्सव अपने अनूठे अंदाज और आकर्षक प्रस्तुतियों से लोगों का ध्यान खींच रहा है। एसेंसिया लक्ज़री होटल में आयोजित इस दस दिवसीय गरबा महोत्सव में पारंपरिक गुजराती संस्कृति के साथ आधुनिक रचनात्मकता का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जो उत्सव को और भी खास बना रहा है।
इस बार गरबा परिसर में एक प्रतिभागी की रोशनी से जगमगाती पारंपरिक पोशाक खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गुजराती कढ़ाई, रंगीन कपड़े, पारंपरिक आभूषण और भव्य पगड़ी से सजे इस परिधान में लगी चमकदार LED लाइट्स ने पूरे लुक को एक अलग पहचान दी है। पोशाक पर लगी रोशनी न केवल पहनावे को आकर्षक बना रही है, बल्कि गरबा की रंगीन शाम में एक शानदार विजुअल इफेक्ट भी पैदा कर रही है।
पारंपरिक वेशभूषा में आधुनिक तकनीक का यह प्रयोग दिखाता है कि किस तरह युवा अपनी सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए फैशन और क्रिएटिविटी के नए प्रयोग कर रहे हैं। रोशनी से सजी पोशाक, रंग-बिरंगी कढ़ाई और पारंपरिक गुजराती शैली का मेल इस बात का उदाहरण है कि आज गरबा केवल नृत्य तक सीमित नहीं, बल्कि अपनी कला, पहनावे और व्यक्तिगत अंदाज को प्रदर्शित करने का मंच भी बन गया है।
‘ढोली तारा 5.0’ की खासियत इसका 10 दिन, 10 थीम का कॉन्सेप्ट है, जिसमें हर दिन प्रतिभागियों को नए अंदाज में उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिल रहा है। पारंपरिक गुजराती लोक धुनों से लेकर, यहां संस्कृति और मनोरंजन का खूबसूरत मेल देखने को मिल रहा है।
बड़े गरबा परिसर, रेन-प्रूफ पंडाल, शुद्ध शाकाहारी फूड कोर्ट और अन्य सुविधाओं के साथ यह आयोजन नवरात्रि के उत्साह को खास बना रहा है। रोशनी से जगमगाती यह अनूठी पोशाक उत्सव में परंपरा और आधुनिकता के संगम की एक यादगार झलक पेश कर रही है।


