इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका पर विशेष व्याख्यान

इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका पर विशेष व्याख्यान

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम की बारीकियों से रूबरू हुए छात्र 

इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम एवं प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका पर विशेष व्याख्यान

इंदौर। इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, मालवांचल यूनिवर्सिटी द्वारा “विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 एवं भारत में प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका” विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन से संबंधित कानूनी प्रावधानों, उनके व्यावहारिक महत्व तथा भारत में प्रवर्तन निदेशालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था। मुख्य वक्ता डॉ. अनिल पारे, न्यायाधीश एवं न्यायिक जाँच अधिकारी, विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके कानूनी प्रावधानों और देश की आर्थिक व्यवस्था में इसकी भूमिका को समझाया। डॉ. पारे ने विद्यार्थियों को बताया कि विदेशी मुद्रा से संबंधित लेन-देन को निर्धारित कानूनी ढांचे के अंतर्गत संचालित करना आवश्यक है। उन्होंने फेमा के प्रावधानों, विदेशी मुद्रा के नियमन तथा वित्तीय लेन-देन में कानूनी अनुपालन के महत्व पर चर्चा की। साथ ही, भारत में प्रवर्तन निदेशालय की भूमिका को समझाते हुए बताया कि आर्थिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित मामलों की जाँच में इस संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है।कार्यक्रम में डॉ. विनोद यादव, निदेशक, इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ तथा डॉ. सुरेन्द्र कुमार निराला, डीन सहित संस्थान के अधिकारीगण, अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। अतिथि व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून और प्रवर्तन निदेशालय की जिम्मेदारियों को समझने के साथ विधि के क्षेत्र में अपने ज्ञान को विस्तृत करने का अवसर मिला।इस अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी अतिथि और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।