रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने हाथों से खीचा रथ
रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने हाथों से खीचा रथ
गोदा रंगनाथ के विवाह उत्सव में हुई आतिशबाजी
चक्र स्नान 12 जनवरी को
इंदौर। श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थानम विद्या पैलेस कॉलोनी से रथ यात्रा मंदिर परिसर से जब नगर भ्रमण को निकली तो ऐसा लगा की साक्षात् नारायण अपने भक्तों को ताप संकट दूर करने दर्शन देने निकल पड़े हो और भक्तों को महसूस हो रहा था कि भगवान स्वयं उनके दुखों को दूर करने के लिए स्वयं पधारे हो ।श्रीमन नारायण नारायण, वेंकट रमणा गोविंदा के जय घोष के साथ मंदिर परिसर से निकली रथ यात्रा की शुरुआत में स्वामी जी श्री केशवाचार्य जी महाराज एवं युवराज स्वामी जी श्री यतींद्रचार्य जी महाराज के सानिध्य में पुजारी ने शंकर लाल शर्मा परिवार, रश्मि रमेश मानधन्या परिवार रामकिशन सोनी परिवार, रामबाबू गुप्ता लक्ष्मण अग्रवाल अशोक अग्रवाल एव राजवंश ग्रुप से रथ का पूजन कराया और यात्रा को प्रारंभ कराया। रथ यात्रा मंदिर परिसर से अशोकनगर, अंबिकापुरी 60 फीट रोड होते हुए लगभग 3 किलोमीटर का रास्ता तय कर पुनः मंदिर परिसर पहुंची।
मंदिर समिति के हरिकिशन साबू, दिनेश अग्रवाल एवं मनोहर सोनी ने बताया कि रथ यात्रा मार्ग पर दोनों और श्रद्धालु आरती थाल एवं प्रसाद लेकर खड़े हुए थे जगह-जगह मंचों से स्वामी जी केशवाचार्य जी का पाद पूजन स्वागत एवं भगवान की आरती कर प्रसाद वितरित किया गया बैंड बाजो, घोड़ो बग्घी सहित निकली यात्रा में भजन सम्राट हरिकिशन साबू अपने भजनों की मधुर स्वर लहरिया बिखेर रहे थे और अक्षय कबरा, सरलाहेड़ा अनुराधा कश्यप, रामकिशन साबू ,ऋषि कश्यप विक्की साबू, राजेंद्र काबरा, दिलीप वाणी सहित युवा भजनों पर थिरक रहे थे ।रथके मंदिर पहुंचने पर भगवान की नजर उतारी गई और आरती के पश्चात गोष्टी प्रसाद का वितरण हुआ।
गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव
मंदिर समिति के भगवानदास हेड़ा एवं दिनेश सारडा ने बताया कि सुबह के सत्र में गोदा रंगनाथ विवाह उत्सव का आयोजन हुआ महिलाएं चुनरी -पीला पहनकर एवं पुरुष साफा व कुर्ते पजामे पहनकर भगवान के बाने में शामिल हुए बैंड बाजो और आतिशबाजी के साथ निकली भगवान की बारात का स्वागत वधु पक्ष के सागरमल जी नितिन जी खटोड ने किया वहीं कैलाश जी कांताजी जोशी ने परिवार सहित उनका आतिथ्य स्वीकार किया ।तोरण लगने के बाद गोदा रंगनाथ का विवाह उत्सव संपन्न हुआ गोदा रंगनाथ को भक्तों द्वारा 108 कलशो का खिरान भोग भी अर्पित किया गया ।
12 जनवरी को चक्र स्नान
मंदिर समिति के नितिन तापड़िया ने बताया कि 12 जनवरी को प्रातः 8:30 बजे पुष्कर्णी में चक्र स्नान का आयोजन होगा तत्पश्चात 108 रजत कलशो से भगवान वेंकटेश का महाभिषेक होगा एवं स्वामी जी श्री केशवाचार्य जी के आशीर्वचन होंगे।


