देश की तीसरी पारम्पारिक गौरवशाली रथयात्रा निकली
*श्री ब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव*2026*
*देश की तीसरी पारम्पारिक गौरवशाली रथयात्रा निकली*
*श्री लक्ष्मी वैंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से*
*जन जन को दर्शन निकले गोविंदा*
*गोविंदा गोविंदा के जयघोष के साथ हजारो हाथो ने खीचा प्रभु वेंकटेश का रजत रथ*
*भक्तो ने कि प्रभु वेंकटेश की अगवानी*
*भगवान दर्शन देने पहुचे भक्त के द्वार*
*नासिक से आये 80 लोगो के बेंड ने दी विशेष प्रस्तुति*
*शुद्ध संस्कृति का संदेश व प्रभु जगन्नाथ जी की झलक देती झकिया रही भक्तो के लिए आकर्षण*
*शेषावतार श्री रामानुज स्वामीजी कमल पुष्प पर विराजमान होकर दर्शन दे रहे थे*
प्रभु के रथ निकलते ही चले कलर शॉट ओर फायर शो
इंदौर पावनसिद्ध धाम श्रीलक्ष्मी - वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग से आज देश की तीसरी सबसे बड़ी पारंपरिक गौरवशाली रथयात्रा गोविंदा गोविंदा के महा जय जय कार के साथ निकली। हर भक्त की निगाह ठाकुरजी की एक झलक पाने को अपलक निहार रही थी।हर भक्त के मन दिल नेत्रो में प्रभु वेंकटेश नजर आ रहे थे।
भगवन वेंकटेश अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए शहर में पूरे लाव लश्कर के साथ रजत रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलें
साथ मे
परमपूज्य अनंतश्रीविभूषित श्रीमद्जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापिठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज यात्रा में पैदल भक्तो के बीच आशीर्वाद प्रदान करते चल रहे थे और भक्त गुरुदेव के चरणों का पूजन चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले रहे थे।
रथ का पूजन
*नागोरिया पीठाधिपति स्वामीजी* *श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्यजी जी महाराज* के साथ *सत्यनारायण शर्मा,डॉ गोपाल जी गोविंद जी बजाज बागलकोट,प्रकाश शुभम सोनी परिवारके साथ ही वेंकटेश मंदिर ट्रस्ट कमेटी रविन्द्र धूत एवं*ब्रम्होत्सव रथयात्रा* *महोत्सव समिति*के सुमित मंत्री, पंकज तोतला प्रकाश फोफलिया केलाश मुंगड़,*अशोक डागा, पुखराज सोनी, राजेन्द्र सोनी, अशोक डागा, गोपाल नागौरी*
*आशीष लड़ा पवन व्यास गोविंद झवर रजत बेड़िया ने रथ*का पूजन किया* किया*
इसके बाद वेंकटरमणा गोविन्दा के उदघोष के साथ रथयात्रा शुरू हुई फिर तो रथयात्रा जब भी जिस भी क्षेत्र में पहुची वहां वेंकटरमणा गोविन्दा के उदघोष के साथ पुष्पो की वर्षा शुरू हो गई रथयात्रा में शुरुआत से ही हज़ारों श्रद्धालुओं का सैलाब भी बढ़ता जा रहा था
रथयात्रा छत्रीबाग से प्रारंभ होकर नरसिंह बाज़ार , सीतलामाता बाज़ार , गोरकुण्ड चौराहा , शक्कर बाज़ार , बड़ा सराफा , पीपली बाज़ार , बर्तन बाजार, बजाजखाना , साठा बाजार से होते हुए पुनः मदिर में आई इस रथयात्रा के मार्ग में करीब 250 स्थानों पर मंचो से इस यात्रा का भव्य पुष्पो से स्वागत किया गया जगह जगह परिवारों व व्यापारियों द्वारा प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी सभी व्यापारियों ने बाजारो में रथ यात्रा का स्वागत किया प्रभु का सत्कार किया पुरे मार्गो पर स्वागत द्वार,ध्वज पताकाएं विधुत सज्जा भी की गई थी।
*सुंदर संदशो के साथ निकली यात्रा में झांकिया*
धार्मिक यात्रा में देश की प्रगति , उन्नति के लिए भी संदेश प्रमुखता से दिया गया साथ ही संस्कृति के संदेश के साथ रथयात्रा में गौ माता की रक्षा करने और हर दिन के चूल्हे की पहली रोटी गाय तक पहुचने की अपील को मार्मिकता के साथ उठाया गया साथ ही
शेषावतार श्री रामानुज स्वामीजी को कमल के पुष्प पर विराजमान किय्या गया था प्रभु जगन्नाथ अदभुत नजर आया।
देश भक्ति ओर धर्म की ओर इस बार युवाओं का रथयात्रा में जज्बा अलग ही नजर आ रहा था
उसी को लेकर,के जग्गनाथ जी की झांकी भी दर्शन देते निकली
सबसे आगे राजकमल बैंड जो कि आकर्षक रूप से अपनी विशेष भजनों के साथ सुंदर सुसज्जित गाड़ी के माध्यम से भक्तो को लालायित कर रहा था साथ 21 घोड़ो पर धार्मिक पताका लिए कमांडो की विशेष पोषक में संवार थे।
साथ ही देश भर से पधारे 21 संत बगियों में विराजमान होकर भक्तो को दर्शन दे रहे थे।
इसके पीछे चांदी के ठाकुरजी की सवारी के वाहन के रूप में गरुड़ वाहन , हनुमान वाहन , अश्व वाहन , गज वाहन , मंगलगिरी होंगे इन वाहनों पर ठाकुरजी के चित्रजी विराजित थे।
भजन मंडळी
देवास से पधारे द्वारका दास मंत्री की भजन मंडली भक्तों के सेलाब के साथ भजनों की रस गंगा प्रवाहित कर रहे थे जिसमें महिलाओ का विशाल समूह साथ ही युवतियों
समूह नृत्य कर रहे थे किसी के भी पाव आज रुकने को तैयार नही थे।
हरिकिशन साबू भोपू जी द्वारा भी विशाल जनसमुदाय जे साथ भजनों की मदमस्त बारिश कर रहे थे जिसमें सभी भक्त झूम नाच रहे थे।
इन सबके साथ नागोरिया पीठाधिपति स्वामीजी श्री विष्णुप्रपनाचार्य जी महाराज पूरे लाव लश्कर छड़ी छत्र के साथ एक बड़े से भक्तो के समुदाय में चल रहे थे।ओर पूरे राह पर गुरुदेव का चरण पूजन स्वागत सत्कार किय्या जा रहा है
नासिक बेंड ने दी सुंदर प्रस्तुति
विशेष रूप से मुम्बई से आये 80 कलाकार लड़के व लड़कियों की बड़े बड़े ढोल की प्रस्तुतियां देखने लायक थी जो सब का मन मोह रही थी एक सुंदर ध्वज भी उनकी हजारी लगा रहा था।
रथ के आगे सजी धजी महिलाओं का वर्ग के साथ ही युवा एवं युवतियां झाड़ू लगा रहे थे
उसके पीछे पुष्पो से सजे धजे रजत रथ में प्रभु वेंकटेश श्री श्री देवी श्री भू देवी के साथ रजत शेष पर विराजमान भक्तओ को दर्शन दे हजारो लोग प्रभु के इस दिव्य पुष्पो से सजे रजत रथ को जिस पर प्रभु की सुंदर कलाकृतिया उभरी हुई थी वे अपने हाथों से खींच रहे थे साथ ही अनेक भक्त रथ पर सिर टिकाकर प्रभु से मंगल कामना कर रहे थे आशीर्वाद ले रहे थे।
रास्ते भर अनेक जगह भक्तो द्वारा थाली सजाकर प्रभु की आरती व गुरुदेव का चरण पूजन कीया जा रहा थी ।
पूरे यात्रा मार्ग को भगवा ध्वज पताका ओर पुष्पो के द्वारा सजाया गया था
सुबहनके सत्र में देवस्थान में गो अनकूट महोत्सव किया गया जो की देवस्थान से गोमाता के लिए अनंत निधि निधि सेवा प्रकल्प द्वारा किया गया
रथयात्रा में 1000 कार्यकर्ता देवस्थान टीम पूरे मार्ग पर व्यवस्था संभाल रहे थे जिसमे मुख्य रूप से नवीन टेक्नालॉजी का उपयोग किय्या गया रथयात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए
उस क्रम को 12 भाग में डिवाइड किय्या गया था जिसमे अलग अलग कार्यकर्ता का चयन किया गया था महिलाओं के लिए युवतियोंकी टीम चेन बनाकर चल रही थी।
गोविंद झवर सर्वेश गट्टानी ऋषि शर्मा, चेतन लड्डा मुदित पलोड मधुर लड्डा गिरिराज शर्मा हितेश तोतला दीपक बजाज,रितेश तोतला नितिन निगम ,विजय सोमानी,अंकीत पाठक व्यबस्था संभल रहे थे


