बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही, (शपथ)

बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही,  (शपथ)
बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही,  (शपथ)
बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही,  (शपथ)
बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही,  (शपथ)

बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिलेभर में हो रही,

(शपथ)

धर्मगुरु बढ़ चढ़कर कर रहे सहभागिता

इंडियन न्यूज़ अड्डा  ब्यूरो कार्यालय धार डेस्क,

 से विक्कीराज श्रीवास्तव की रिपोर्ट-:

(बाल विवाह मुक्त भारत अभियान) 

का धर्म गुरुओं के साथ-साथ समस्त ग्रामीण महिला पुरुषों ने भी किया समर्थन,

धार प्रतिनिधि,

जिले के सुप्रसिद्ध मंदिरों से धर्म गुरुओं ने दिलाई शपथ मंदिरों में,

  (वसुधा विकास संस्थान)

 धार के द्वारा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से बाल विवाह रोकथाम को लेकर पंडितों के साथ संवाद किया गया, जिसमें कम उम्र में बच्चों की शादी को रोकने में धर्म गुरुओं की भूमिका पर चर्चा की गयी, कार्यक्रम में संस्था के समन्वयक धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को बताया कि बाल विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और कानूनी रूप से भी यह अवैध है, इसमें संलिप्त लोगों को सजा भी हो सकती है, कार्यक्रम में लोगों को बाल विवाह नहीं करने की शपथ भी दिलायी गयी,

 इस संदर्भमें मंदिर के पुजारी ने भी स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में जो भी शादियाँ होती है उसमें लड़का एवं लड़की के आधार, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या अन्य उम्र संबंधित प्रमाण पत्र को देखा जाता है उसके बाद ही विवाह कराया जाता है,

 इस अवसर पर

 (वसुधा विकास संस्थान)

 के धर्मेंद्र श्रीवास्तव, 

ने बाल विवाह निषेध को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी, और बाल अधिकारों को लेकर चर्चा की, कार्यक्रम में ग्रामीण जनसमूह भी उपस्थित रहा।