हंसदास मठ साक्षी बना दो शीर्ष आचार्यों के मिलन
हंसदास मठ साक्षी बना दो शीर्ष आचार्यों के मिलन
मलूक पीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य और डाकोर-इंदौर खालसा के गादीपति श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज ने किया एकदूजे का सम्मान
इंदौर। एयरपोर्ट रोड, पीलिया खाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ मंगलवार को रामानंदी संप्रदाय के दो शीर्ष आचार्यों के आत्मीय मिलन का गरिमापूर्ण माहौल में साक्षी बन गया, जब मलूक पीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य और डाकोर-इंदौर खालसा के गादीपति श्रीमहंत महामंडलेश्वर स्वामी रामचरणदास महाराज ने एक-दूसरे का सम्मान एवं अभिवादन किया।
मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज ने हंसदास मठ पधारकर भगवान रणछोड़, पंचमुखी चिंताहरण हनुमान महाराज, शालिग्राम स्वरुप भगवान पद्मनाभ सहित सभी देवालयों के दर्शन तो किए ही, मठ स्थित गौशाला पहुंचकर गौमाता की सेवा भी की और परिसर स्थित मठ के संस्थापक महंत हंसदास महाराज की समाधि के भी दर्शन किए। इस अवसर पर उत्तराधिकारी महामंडलेश्वर महंत पवनदास ने शाल-श्रीफल एवं पुष्पमाला समर्पित कर हंसदास संस्कृत विद्यापीठ के वेदपाठी छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण के बीच उनकी अगवानी की। इस अवसर पर महामंडलेश्वर गंगादास महाराज, महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा, महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज, अर्जुन दास महाराज, विश्व ब्राह्मण समाज संघ के पं. योगेन्द्र महंत, आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक, महंत यजत्रदास, महंत अमित दास, दिनेश दास, विजय रामदास, राजेंद्र गर्ग, कैलाश पाराशर, कैलाश गोपाल, घनश्याम वैष्णव, वेदांत शर्मा, रामव्यास राजेंद्र वर्मा, मोनिका शर्मा सहित बड़ी संख्या में भक्त मंडल के सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने जयघोष के बीच मलूक पीठाधीश्वर की अगवानी की।


