अखंड धाम पर 58 वें अ.भा. अखंड  वेदांत संत सम्मेलन का सात दिनी आयोजन 4 दिस से

अखंड धाम पर 58 वें अ.भा. अखंड  वेदांत संत सम्मेलन का सात दिनी आयोजन 4 दिस से


बिजासन रोड स्थित अखंड धाम पर 58 वें अ.भा. अखंड 
वेदांत संत सम्मेलन का सात दिनी आयोजन 4 दिस से


जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ एवं जगद्गुरु स्वामी रामदयाल सहित 40 से अधिक संत आएँगे

इंदौर । बिजासन रोड स्थित शहर के प्राचीन अखंड धाम आश्रम पर अ.भा. वेदांत संत सम्मलेन का 58 वां आयोजन 4 दिसम्बर से प्रारंभ होकर आश्रम के संस्थापक स्वामी अखंडानंद महाराज की महाआरती के साथ 10 दिसम्बर तक चलेगा। इस दौरान देश के जाने-माने संत, विद्वान, आचार्य, महामंडलेश्वर एवं तपोनिष्ठ वक्ता प्रतिदिन दोपहर 3 से 6 बजे तक अपने प्रवचनों की अमृतवर्षा करेंगे। सम्मेलन में दोपहर 1 से 3 बजे तक सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न आयोजन भी होंगे। सम्मलेन का शुभारंभ 4 दिसम्बर को दोपहर 3 बजे अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के जगद्गुरु स्वामी रामदयाल महाराज के मुख्य आतिथ्य एवं जगद्गुरु शंकराचार्य भानपुरा पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ की अध्यक्षता, वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद के सानिध्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल तथा प्रेमचंद गोयल के विशेष आतिथ्य में होगा।
                 अखंड धाम आश्रम के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरुप ने बताया कि समाजसेवी विष्णु बिंदल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लेते हुए सम्मलेन की तैयारियों पर विचार मंथन किया गया। बैठक में संत राजानंद, हरि अग्रवाल, किशोर गोयल, अशोक गोयल, दीपक जैन टीनू, भावेश दवे, नवनीत शुक्ला, मुरलीधर धामानी, श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव, राजेंद्र सोनी, राजेंद्र गर्ग, डॉ. चेतन सेठिया, दिनेश जिंदल, हनुमान प्रसाद सारडीवाल, जानकीलाल सांखला, आदित्य सांखला, रणधीर दग्धी, परीक्षित पंवार ने भी अपने विचार एवं सुझाव रखे। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सम्मलेन शुभारंभ के पूर्व नियमित रूप से आयोजन समिति की बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा जिनमें विभिन्न व्यवस्था समितियों के गठन सहित अन्य निर्णय लिए जाएँगे। सम्मेलन में इस बार भी देश के जाने-माने 40 से अधिक संत-विद्वान आएँगे। बैठक में राजेंद्र गुप्ता, श्रीमती पुष्पा यादव, वर्षा जैन आदि ने भी अपने सुझाव रखे। संचालन हरि अग्रवाल ने किया और आभार माना भावेश दवे ने। सम्मेलन की व्यापक तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। आश्रम पर ओम नमः शिवाय महामंत्र का अखंड जाप भी पिछले कई वर्षों से चल रहा है।