हमारा कर्तव्य बोध ही भारत को विश्व गुरु बनायेगा* *युवा बोलता है तब लगता है कि भारत बोल रहा है*

हमारा कर्तव्य बोध ही भारत को विश्व गुरु बनायेगा* *युवा बोलता है तब लगता है कि भारत बोल रहा है*


*हमारा कर्तव्य बोध ही भारत को विश्व गुरु बनायेगा*
*युवा बोलता है तब लगता है कि भारत बोल रहा है*

इंदौर। आज का युवा भटक रहा है, नेतृत्वहीन है ये नकारात्मक विचार पूर्णतया तथ्यहीन है, भ्रामक है, सच्चाई यह है कि जब युवा बोलता है तक भारत बोलता है। जरुरत है कर्तव्य बोध की कुछ इस प्रकार के ओजपूर्ण विचार आज अभ्यास मण्डल द्वारा प्रेस क्लब में युवाओं के लिए आयोजित विचार गोष्ठी में सुनने के लिए मिले जिसका विषय था ‘‘युवा नेतृत्व-सामाजिक सरोकार’’ कार्यक्रम का संचालन कर रहे  कुणाल भंवर ने स्वागत उद्बोधन दिया। इसके पश्चात मनीष भालेराव ने विषय प्रवर्तन करते हुए युवा व समाज तथा सरोकार की परिभाषाएं बताई और कहा कि समाज के साथ जुड़ना ही सरोकार है। इस अवसर पर सिर्फ युवाओं ने अपने विचार व्यक्त किए।  ब्रजेन्द्र धाकड़ ने कहा कि आज का युवा विवेकानन्द, सुखदेव, खुशीराम बोस की तरह आगे नहीं आ रहा है। आवश्यकता है उन्हें सही दिशा देने की। सोनाली कनाडे ने कहा कि युवाओं को रील बनाने की बजाय अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए। परिवार से ही अनुशासन शुरु हो।  भवानी आर्य का कहना रहा कि दिशा-विहीन युवाओं को अपनी सही राह स्वयं बनाना चाहिए। सौरभ गोसर ने कहा कि शहर के विकास में अपनी सोच व सहभागिता करनी चाहिए। आकाश यादव ने कहा कि राजनीति व प्रशासन में धनबल व बाहुबल को रोकने में युवा अपनी शक्ति लगाएं। लक्ष्मी नन्दिनी ने माता-पिता के नेतृत्व के साथ संस्कारों पर चर्चा की। हर्षदीप ने कहा कि इंटरनेट-सोशल मीडिया विकास में सहायक है पर युवाओं को इनका सही उपयोग करना चाहिए। यश जायसवाल कुछ नया कर गुजरने की इच्छा का नाम ही युवा है, बताया।
युवा रजनीश ने कहा कि विघ्नों को गले लगाना व कांटों में राह बनाना ही युवाओं की पहचान है। प्रीतेश पटेल ने कहा कि युवाओं को विकास के पथ पर चलने के लिए जाति धर्म की बात नहीं करनी चाहिए। आज की गोष्ठी की विशेषता रही कि सभी युवाओं ने अपने मूल विचार रखें। आभार श्री स्वप्निल व्यास ने व्यक्त किया। इस अवसर पर अभ्यास मण्डल की माला ठाकुर ने प्रस्तावना व ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला 16 से 21 मई का विवरण दिया। अध्यक्ष श्री रामेश्वर गुप्ता व प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने भी विचार रखें व युवाओं की सहभागिता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वैशाली खरे, हरेराम वाजपेयी, मुरली खण्डेलवाल, शफी शेख  डॉ. एस.एल. गर्ग, श्री शाम पाण्डेय, मुकेश तिवारी, अर्पण जैन, एन.के. उपाध्याय व अनेक सुधीजन उपस्थित थे।