विधार्थियों को रील और रीयल लाइफ का अंतर समझना होगा*

विधार्थियों को रील और रीयल लाइफ का अंतर समझना होगा*


*विधार्थियों को रील और रीयल लाइफ का अंतर समझना होगा*

*अभ्यास मंडल के सेमीनार में कालेज विधार्थियों को मिला मार्गदर्शन*

इंदौर। विद्यार्थियों को अपने जीवन में रियल और रियल लाइफ में अंतर को समझना होगा। यह अंतर यदि हम नहीं समझेंगे तो हमारा जीवन अपनी दिशा को खो बैठेगा। ऐसे में हर विद्यार्थी को इस अंतर को समझ कर अपना दिमाग बनाना चाहिए।
यह जानकारी आज अभ्यास मंडल और अनंत द्विवेदी फाउंडेशन के द्वारा प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड साइंस में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को दी। इस सेमिनार को मीरा द्विवेदी रीना द्विवेदी और सुनीता मिश्रा ने संबोधित किया। इस कार्यशाला के उद्देश्य पर माला सिंह ठाकुर ने प्रकाश डाला। स्वागत उद्बोधन अभ्यास मंडल के अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने दिया।
इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को रील और रियल लाइफ का अंतर बारीकी से समझाया। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि हर दिन में बहुत कुछ ऐसा होता है जिसका हमें सेलिब्रेशन करना चाहिए। जीवन में आने वाला एक छोटा मोमेंट भी इंपोर्टेंट होता है।
इन विद्यार्थियों से पूछा गया की क्या आप अपने आप को दूसरे के साथ कंपेयर करते हो। क्या आपको अपने भविष्य को लेकर संशय है। क्या आप जीवन में ज्यादा सोचते हो। क्या आपको लगता है कि मेरे ही जीवन में उसमें ज्यादा तनाव क्यों है। यदि ऐसा कुछ भी है तो आपको अपने आप पर फिर से विचार करना चाहिए। यह जो विचार आपके जेहन में चल रहा है वह आपको गलत दिशा में ले जा सकता है। आपको अपना आत्मविश्वास मजबूत करना होगा। आपको यह जान लेना चाहिए कि जब आप किसी भी काम में अपना 100% दोगे तो सफलता आपको मिलेगी। यदि कहीं आप लक्ष्य को पाने से चूक रहे हैं तो इसका मतलब साफ है कि आपने अपना 100% नहीं दिया है। कार्यक्रम के प्रारंभ में वक्ताओं का स्वागत वैशाली खरे, यति जैन, डा अय्यर और वैशाली गंगवानी ने किया। पुण्या यादव ने संचालन किया।  डॉ अय्यर डायरेक्टर प्रेस्टीज ,डॉ शंकर गर्ग, हरेराम वाजपाई भी उपस्थित थे