मानसिक स्वास्थ्य व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला
*मानसिक स्वास्थ्य व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला*
*मालवांचल यूनिवर्सिटी एवं इंडेक्स समूह संस्थानों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ऑनलाइन प्रशिक्षण संपन्न*
*इंदौर।* मालवांचल यूनिवर्सिटी एवं इंडेक्स समूह संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी यूनिवर्सिटी के फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।मालवांचल यूनिवर्सिटी,इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, होम्योपैथिक,आयुर्वेद कॉलेज,डेंटल, पैरामेडिकल, नर्सिंग, एग्रीकल्चर एवं लॉ,मैनेजेमेंट सहित विभिन्न संस्थानों के सभागारों यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान देशभर के मानसिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव, अवसाद, भावनात्मक चुनौतियों तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझें, उनके प्रति संवेदनशील रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित सहयोग एवं परामर्श उपलब्ध कराने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की पहल से विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ेगी तथा उन्हें समय पर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा सकेगा।इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. संजीव नारंग ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनकी शैक्षणिक सफलता, व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। केवल उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण तैयार करना भी आवश्यक है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और मानसिक रूप से सशक्त महसूस करे।उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सबसे निकट होते हैं। उनकी संवेदनशीलता, सकारात्मक सोच और समय पर दिया गया मार्गदर्शन किसी भी विद्यार्थी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। इसलिए शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास में भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।


