दवा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण – क्लीनिकल कॉज़ेलिटी से इको-फार्माकोविजिलेंस तक”
सीएमई कार्यक्रम
“दवा सुरक्षा सुदृढ़ीकरण – क्लीनिकल कॉज़ेलिटी से इको-फार्माकोविजिलेंस तक”
इंदौर। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, इंदौर के फार्माकोलॉजी विभाग स्थित एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर द्वारा भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC), गाजियाबाद के तत्वावधान में दिनांक 27 अप्रैल 2026, सोमवार को कॉलेज के सभागार में “Strengthening Drug Safety: Clinical Causality to Ecopharmacovigilance” विषय पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय के डीन एवं सीईओ डॉ. अरविंद घनघोरिया के संरक्षण में आयोजित यह कार्यक्रम चिकित्सा क्षेत्र में रोगी सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीयन एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ, जिसके पश्चात स्वागत उद्बोधन डॉ. सपना मोरे, असिस्टेंट प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा दिया गया। इस अवसर पर डॉ. पूजा एस. मिश्रा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी विभाग ने फार्माकोविजिलेंस के राष्ट्रीय एवं वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. रुचि बघेल, एसोसिएट प्रोफेसर, आरडीजीएमसी, उज्जैन द्वारा केस-आधारित कॉज़ेलिटी असेसमेंट पर व्याख्यान एवं चर्चा की गई। साथ ही डॉ. निकेत राय, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एलएनएमसी, भोपाल ने इको-फार्माकोविजिलेंस के बढ़ते महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस सीएमई का मुख्य उद्देश्य दवा सुरक्षा, प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की पहचान, मूल्यांकन एवं रिपोर्टिंग के प्रति चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना रहा। डॉ कामायनी गुप्ता, प्रदर्शक फ़ार्माकॉलोजी विभाग द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र, पोस्ट-टेस्ट तथा समूह छायाचित्र के पश्चात हाई-टी का आयोजन किया गया।


