जेंडर इन पुलिसिंग" पुस्तक का हुआ विमोचन, 50 मीटर लंबी हस्तनिर्मित रामायण चित्रकला पर मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान
पुलिस शोध से विश्व पटल तक : डॉ. सीमा अलावा की दोहरी उपलब्धि
डॉ. सीमा अलावा की "जेंडर इन पुलिसिंग" पुस्तक का हुआ विमोचन, 50 मीटर लंबी हस्तनिर्मित रामायण चित्रकला पर मिला वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान
इंदौर। शहर के प्रीतमलाल सभागार में आज एक गरिमामय समारोह के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं शोधकर्ता डॉ. सीमा अलावा द्वारा लिखित पुस्तक “The Role of Gender in Policing: Challenges, Rights and Workplace” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आशा पारस एम हार्मनी फाउंडेशन इंडिया एवं एजी पब्लिकेशन द्वारा किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि श्री पवन श्रीवास्तव, स्पेशल डीजी, सीआईडी, भोपाल रहे। इस अवसर पर डॉ. जयंतीलाल भंडारी, डॉ. राकेश सिंहई, कुलपति, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, प्रो. आशा शुक्ला, डॉ. रवींद्र शुक्ला, डॉ. रजित शर्मा (संस्थापक, UNECC), पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्री डी.एस. सेगर, पूर्व महाप्रबंधक दूरसंचार श्री एम.ए. रावत, श्री विवेक सिंगल (डायरेक्टर, Mango IT Company), वरिष्ठ पत्रकार सुश्री रचना जौहरी सहित अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार, पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. सीमा अलावा (एडिशनल डीसीपी हेडक्वार्टर इंदौर) ने बताया कि यह पुस्तक उनके पीएच.डी. शोधकार्य पर आधारित है। पुस्तक में पुलिस संगठन में जेंडर की भूमिका, कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (Workplace Sexual Harassment), संस्थागत चुनौतियों तथा सुरक्षित एवं संवेदनशील कार्य वातावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का शोधपरक एवं व्यावहारिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य इन विषयों पर गंभीर विमर्श को बढ़ावा देना तथा पुलिस अधिकारियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं समाज के लिए एक उपयोगी संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराना है।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे पुलिस प्रशासन, महिला अध्ययन, विधि एवं सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन-अध्यापन और शोध के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बताया।
इस कार्यक्रम की एक विशेष बात और रही, जिसके अंतर्गत डॉ. सीमा अलावा को International Excellence Awards (IEA) Book of World Records द्वारा उनकी लगभग 50 मीटर (164 फीट) लंबी एकल कैनवास पर हस्तनिर्मित रामायण चित्रकला के लिए “The World's Longest Hand-Painted Artwork on a Single Roll of Canvas” श्रेणी में वर्ल्ड रिकॉर्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय संस्कृति, महर्षि वाल्मीकि रामायण की परंपरा तथा जनजातीय कला के संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान और अद्वितीय कलात्मक सृजन के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने डॉ. सीमा अलावा को पुस्तक प्रकाशन एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इसे न केवल पुलिस व्यवस्था एवं अकादमिक जगत, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी एक प्रेरणादायी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन सुश्री लिली डाबर ने किया, जबकि अंत में श्री आर.के. शुक्ला ने उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


