भगवती पराम्बा राजराजेश्वरी श्रीमहालक्ष्मी जी का हुआ महाभिषेक
श्रीब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव
भगवती पराम्बा राजराजेश्वरी श्रीमहालक्ष्मी जी का हुआ महाभिषेक*
*स्वर्ण मंगलगिरी पर निकली पराम्बा माँ महालक्ष्मी जी की शोभायात्रा*
*ॐ श्रियं श्रियै नमः का हजारों वैष्णव जन ने जयघोष कर की माँ लक्ष्मी जी की सामुहिक कुमकुम अर्चना*
*छत्रीबाग में 12 जूलाई को हनुमंत वाहन पर निकलेगी प्रभु वैंकटेश की छोटी रथयात्रा*
इंदौर। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में चल रहे श्री ब्रम्होत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव के चलते आज दिवितीय दिवस के उत्सव के अवसर पर भगवती श्रीमहालक्ष्मी जी का रजत कलशों की सहस्त्रधारा से महाभिषेक किया गया।
इन रजत कलशों को श्रंगार कर उन में दूध दही घी शकर,शहद इत्र आम रस व नदियों का जल भरा गया था।इन सुंदर कलशों की सहस्त्रधारा से भगवती महालक्ष्मी जी का तिरूमंजन
नागोरिया पीठाधीश्वर स्वमीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज
ने किया *यजमान परिवार जितेंद्र शर्मा हैदरबाद सौरभ* *शर्मा द्वारा इंदौर*कलशों का* *पूजन किया गया।*
महाभिषेक पश्चात भगवती श्री श्री देवी व श्री भु देवी की सवारी मंगल गिरि पर दक्षिण वाद्य यंत्रो के।साथ उत्सव मंड़प पहुची जिसमे आगे आगे सभी यजमान परिवार रजत तुलसी,स्वर्ण पुष्प,कमल पुष्प व अन्य सामग्री हाथों में लिए चल रहे थे। श्री नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामीजी श्री विष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज के साथ ही अयोध्या से श्रीअनंताचार्य जी महाराज भी भगवती माँ की सवारी के साथ
सवारी लिए उत्सव मंडप में पहुचे।
भगवती श्री महालक्ष्मी की 108 रजत तुलसी,108 रजत कमल, 108 स्वर्ण पुष्प, जूहीपुष्प,मोगरापुष्प, 108 रजत कमल,केशर,काजू, बादाम,अंजीर, किशमिश,108 हापुस आम के साथ ही अनेक सूगन्धित पदार्थो द्वारा 1008 नामो से बारम्बार अर्चना की गई उधर सभी वैष्णव भक्त जोड़े से बैठकर श्री श्रियै नमः का मंत्र बोलते हुए अपने सामने रखे चित्र पट पर कुमकुम से अर्चना कर रहे थे
मनोहर जी शास्त्री, गोपाल शर्मा ने कुमकुम अर्चना में बैठे 500 जोड़े व सभी भक्तों को हाथ मे जल पुष्प अक्षत लेकर उनके आरोग्य,ऐश्वर्य,लक्ष्मी प्राप्ति,आयु निरोग की कामना के लिए संकल्प कराकर फिर भगवती महालक्ष्मी जी की अर्चना प्रारम्भ कराई जिसमे 1008 नामो से भगवद जनो ने
भगवती की कुमकुम अर्चना की
सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ अर्चना पश्चात भोग लगाकर आरती की व अपने द्वारा किये हुए कुमकुम को साथ में दिया गया कि जिसका उपयोग वो प्रतिदिन तिलक लगाने में करे ततपश्चातगोष्ठी प्रसाद का वितरण किया गया।
नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी जी महाराज ने कहा
मनुष्य योनि में जन्मे प्रत्येक को सुख समृद्धि ऐश्वर्य की कामना सदैव रहती है इन सभी की प्रदाता भगवती राजराजेश्वरी श्री महालक्ष्मी जी की आराधना प्रत्येक वैष्णव घरों में प्रभु श्रीमन्नारायण के साथ अवश्य होती है। विशेष कर दीपावली का संपूर्ण पर्व भगवती महालक्ष्मी जी को समर्पित रहता हैओर भगवती श्रीमहालक्ष्मी जी तो हम सभी वैष्णव की आराध्या है
श्री धाम सरकार आष्टा से पधारे
सायंकाल सत्र में भगवती श्रीमहालक्ष्मी जी की स्वर्ण मंगलगिरी पर सजधज कर सवारी मंदिर परिसर में परिक्रमा में निकली इस दौरान विद्यर्थियों द्वारा स्तोत्र पाठ किये गये व शहर के भजन गायक राजेश सांखला के द्वारा यात्रा में भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां हुई जिसने सभीभक्तो को अदभुत आनंद दिलाया।
मीडिया प्रभारी पंकज तोतला ने बताया प्रकाश फोफलिया,राम जाखेटीया, शरद पसारी,देवेंद्र इनानी,, सुनील राठी परीक्षित जाजू, पवन भलिका,आनंद नागौरी विजय कासट, दिनेश परवाल, मनोहर सोनी, जयप्रकाश लाहौटी मौजूद थे*
*आज का विशेष दर्शन-*
*आज देवस्थान का पूरा वातावरण हनुमंत लाल मय हो*गया था प्रभु वेंकटेश जी ने*हनुमंत लाल के हाथ मे *विराजमान होकर श्री राम।नई*स्वरूप के दर्शन दिए।बाहर के*प्रांगड़ में चारो ओर सुंदरकांड के पावन चरित्र के* *दर्शन हुए जिसमे एक तरफ* *हनुमानजीमहाराज सूर्य को* *निगलते दिखाई दिए तो दूसरी ओर पानी की लहरों में सुरसा के*मुख में जाते हुए दिए*
*वही लंका का दहन करते नजर आए।*
*12 जुलाई 2026 तीसरा दिन के उत्सव* श्रृंगार आरती प्रातः 8 बजे
प्रातः 9 बजे से प्रभु श्रीवेंकटेश जी का रजत कलशों से महाभिषेक होगा।
प्रवचन संत सभा
रात्रि में 8.30 बजे से प्रभु श्रीवेंकटेश जी की छोटी रथयात्र छत्रीबाग में निकलेगी जो की राजस्व ग्राम में होते हुए माहेश्वरी विद्यालय से शिव मंदिर होते हुए पुनः देवस्थान पर आएगी जहाँ प्रभु की नजर उतारकर आरती की जावेगी।
इस अवसर पर छत्तीबाग में भक्त भगवान के आगमन पर दीपक लगाकर रंगोली बनाकर स्वागत करंगे छत्रीबाग को प्रभु के आगमन पर सुंदर सजाया जा रहा है। यात्रा में
विद्यार्थियों द्वारा स्तोत्र पाठ का वाचन किया जाएगा हरिकिशन जी साबू भोपू जी के भजन होंगे।यात्रा का अनेक मंच से पुष्प वर्षा के सवागत किया जायेगा।


