चकाचौंध से दूर, आस्था और परंपरा का शुद्ध रूप ढोली तारा 5.0  

चकाचौंध से दूर, आस्था और परंपरा का शुद्ध रूप ढोली तारा 5.0  

चकाचौंध से दूर, आस्था और परंपरा का शुद्ध रूप ढोली तारा 5.0  

अक्सर गरबा पंडालों में लाउड कमर्शियल म्यूजिक और हैवी थीम हावी हो जाती हैं, लेकिन ढोली तारा 5.0 के दूसरे दिन पारंपरिक गुजराती लोक धुनों और गरबा की मूल आत्मा को प्राथमिकता दी गई। एसेंसिया लक्ज़री होटल इंदौर के रेन-प्रूफ पंडाल के नीचे रंग-बिरंगी लाइट्स के बीच जब डांडिया आपस में टकराए, तो वह वाइब किसी बनावटी शो जैसी नहीं, बल्कि बेहद स्वाभाविक और जीवंत थी।

 महिलाओं और परिवारों के लिए बना 'सेफ ज़ोन'

अक्सर बड़े आयोजनों में भीड़ के कारण सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। इस बार ग्राउंड पर सबसे ऑर्गेनिक फीडबैक सुरक्षा को लेकर मिला। नो मेल स्टैग्स की सख्त पॉलिसी के कारण हुड़दंग का नामोनिशान नहीं था। महिलाएं और युवतियां बिना किसी झिझक के देर रात तक गरबा का आनंद लेती दिखीं। इसके अलावा, ग्राउंड पर बनाया गया 'फ्री किड्स ज़ोन' उन पेरेंट्स के लिए वरदान साबित हुआ जो बच्चों की वजह से खुलकर त्योहार नहीं मना पाते थे।

स्वाद और सेहत: इंदौरी ज़ायके का साफ-सुथरा रंग

गरबा के थका देने वाले स्टेप्स के बाद एनर्जी रीचार्ज करने के लिए फूड कोर्ट पर इस बार कुछ अलग देखने को मिला। एसेंसिया द्वारा मैनेज किया गया प्योर वेज फूड स्टॉल न केवल स्वाद बल्कि हाइजीन के मामले में भी अव्वल रहा। इंदौरी चाट से लेकर रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स तक, सब कुछ बहुत ही व्यवस्थित था, जिससे कचरे या गंदगी की समस्या मैदान पर नजर नहीं आई।