बुरहानपुर में गायत्री शक्तिपीठ पर महायज्ञ और 500 से अधिक साधकों का नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू
बुरहानपुर में गायत्री शक्तिपीठ पर महायज्ञ और 500 से अधिक साधकों का नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू
बुरहानपुर में शक्ति की आराधना के पावन पर्व नवरात्रि के अवसर पर शहर के शिकारपुरा थाने के पास स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो गया है। इस नौ दिवसीय महापर्व के दौरान गायत्री परिवार द्वारा साधना, संस्कार और जनजागरण का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जिसमें बुरहानपुर जिलेभर से 500 से अधिक साधक नौ दिनों तक विशेष गायत्री अनुष्ठान संपन्न कर रहे हैं।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने जानकारी दी कि इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, विश्व शांति तथा समाज में सद्भाव और सकारात्मक चेतना का प्रसार करना है।
अनुष्ठान के तहत गायत्री शक्तिपीठ पर प्रतिदिन प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन शामिल होकर गायत्री महायज्ञ में आहुति दे रहे हैं। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 100 नए दंपति भी यज्ञ में सहभागी बनकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
यज्ञ के साथ-साथ शक्तिपीठ पर भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को मजबूत करने के लिए विभिन्न मांगलिक संस्कार भी प्रतिदिन विधि-विधान से संपन्न कराए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
पुंसवन एवं जन्मदिवस संस्कार
नामकरण संस्कार
दीक्षा संस्कार
विद्यारंभ संस्कार आदि।
इस नवरात्रि आयोजन का एक और मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान है। रचनात्मक केंद्र गोलोक धाम से 100 से अधिक बाल पुरोहितों की सहभागिता में 72 दलों का गठन किया गया है। ये दल जिले के 500 से अधिक गांवों में परिव्राज्या (भ्रमण) करेंगे।
प्रत्येक दल प्रतिदिन लगभग 3 गांवों में पहुंचकर भारतीय संस्कृति के पांच प्रमुख आधार—गौ, गंगा, गीता, गायत्री और गुरु के महत्व को जन-जन तक पहुंचा रहा है।
इसके साथ ही ग्रामीणों को नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया जा रहा है।
गायत्री परिवार के इस नौ दिवसीय विराट आयोजन से पूरे अंचल में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन की बहार आ गई है। शक्तिपीठ समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।


